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हमारी चुप्पी को कमज़ोरी न समझें, यह दिल्ली के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश: उपमुख्यमंत्री

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Our silence should not be considered a sign of weakness, this is an attempt to maintain relations with Delhi: Deputy Chief Minister
Deputy CM Surinder Choudhary Met many delegations in Srinagar
श्रीनगर। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान प्रशासन पिछली सरकारों की कई संवेदनशील फाइलों की समीक्षा कर रहा है और चेतावनी दी कि उनकी चुप्पी को कमजोरी के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चौधरी ने कहा, ''हम पिछले आठ-नौ महीनों से फाइलों की जांच कर रहे हैं। अगर कुछ भी गलत हुआ है, तो हम उसे जनता के सामने लाएंगे। हमारी चुप्पी हमारी कमज़ोरी नहीं है, यह दिल्ली के साथ संबंध बनाए रखने की एक कोशिश है। लेकिन जरूरत पड़ने पर हम तथ्यों के साथ बोलेंगे।''
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उन्होंने पारदर्शिता को लेकर, खासकर चुनावी मामलों में, सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। चौधरी ने कहा, हमने हमेशा पारदर्शिता में विश्वास किया है। अगर मतदाता सूचियों में कोई गलती हुई है,तो उसे दूर किया जाएगा। चुनाव जनता से जीती जाती है, सूचियों से नहीं।
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उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मीडिया से भी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, आप हमारी कमियों और हमारे अच्छे काम, दोनों को दर्शाते हैं। हमारे आपके साथ मधुर संबंध हैं और हम आपको मिठाइयां खिलाते रहेंगे, लेकिन आपको हमारे भरोसे का भी सम्मान करना होगा।
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एक तीखे राजनीतिक हमले में, चौधरी ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा के 11 साल के शासन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, क्या उग्रवाद रुक गया? क्या भ्रष्टाचार खत्म हो गया? अगर हां, तो अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने के बाद भी पुलवामा और अन्य घटनाएं क्यों हुई?

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 महाराजा हरि सिंह के समय में दिया गया था, न कि राजनेताओं द्वारा। चौधरी ने कहा, हमारी ज़मीनों और नौकरियों को बाहरी लोगों से बचाने के लिए प्रतिबंध लगाए गए थे। महाराजा कर्ण सिंह ने भी यही कहा था।'''' उन्होंने कहा, अगर कोई हमसे प्यार से हमारी जान मांगे, तो हम दे देंगे। लेकिन अगर हम बोलना शुरू कर दें, तो हमारी खामोशी को चुनौती मत देना, हम पन्ना-दर-पन्ना सब कुछ बता देंगे।''
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