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पटवारी मौका देखें और तुरंत रिपोर्ट दें : तहसीलदार सुचेतगढ़
Thu, 20 Apr 2023 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 20 Apr 2023 02:01 AM IST
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शेर-ए-चक के ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद तहसीलदार ने दिए आदेश, आठ साल से रास्ता नहीं मिलने पर लोगों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर-ए-चक के ग्रामीणों की रास्ते की समस्या को देखते तहसीलदार सुचेतगढ़ निर्भय शर्मा ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी को मौका देख कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार ने बताया कि रिपार्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इससे पहले शेर-ए-चक के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को तहसीलदार सुचेतगढ़ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि आठ साल से वह निरंतर रास्ते को बहाल करने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। इस संदर्भ में वह 2022 में तहसीलदार से भी मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। तहसीलदार ने मौके पर ही क्षेत्र के पटवारी को फोन मिलाया मुद्दे के बारे में जानकारी प्राप्त की। पटवारी ने बताया कि वह इलाका सुचेतगढ़ तहसील के अंतर्गत नहीं आता है।
उसके बाद ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पटवारी मोहम्मद यूनिस के पास गया और उन्हें आठ साल से रास्ते को बहाल करने के लिए हुई प्रक्रिया के दस्तावेज दिखाए। लोगों ने पटवारी को कहा कि अगर वह क्षेत्र सुचेतगढ़ तहसील के अंतर्गत नहीं आता है, तो जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार उस रास्ते की निशानदेही कैसे की गई थी। इसमें तहसील प्रशासन सुचेतगढ़ और अरनिया शामिल था। पटवारी ने कहा कि वह वीरवार को मौका देखने के लिए आएंगे और उसके बाद ही कार्यवाही पर स्पष्टीकरण दे सकेंगे। गौरतलब रहे कि 2016 में जिला मजिस्ट्रेट जम्मू के आदेश पर तहसीलदार सुचेतगढ़ और तहसीलदार अरनिया की मौजूदगी में रास्ते की निशानदेही की गई थी।
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लोग बोले- खेतों में जाना भी हुआ मुहाल
शेर-ए-चक के ग्रामीणों का कहना है कि 8 साल से प्रशासन से रास्ता बहाल करने की गुहार लगाई जा रही है। एक बार निशानदेही भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रास्ते पर अतिक्रमण जारी है। इससे दिन प्रतिदिन लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। अतिक्रमण के चलते लोगों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। फसल की कटाई, बुबाई और सिंचाई के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निरंतर एक-दूसरे के साथ झगड़े होते रहते हैं। लिहाजा प्रशासन को इस पर गौर करना चाहिए और जल्द मुद्दे को हल करना चाहिए।
गांव शेर-ए-चक के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर मिलने आया था। संबंधित क्षेत्र के पटवारी को मौका देख कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़
ग्रामीणों के अनुसार पुराने समय में उस रास्ते की निशानदेही हुई है। उससे संबंधित रिकॉर्ड भी उन्होंने पेश किया है। वीरवार को मौके पर जाकर देखा जाएगा और जो भी उचित कार्यवाही होगी वह की जाएगी।
- मोहम्मद यूनिस, पटवारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर-ए-चक के ग्रामीणों की रास्ते की समस्या को देखते तहसीलदार सुचेतगढ़ निर्भय शर्मा ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी को मौका देख कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार ने बताया कि रिपार्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इससे पहले शेर-ए-चक के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को तहसीलदार सुचेतगढ़ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि आठ साल से वह निरंतर रास्ते को बहाल करने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। इस संदर्भ में वह 2022 में तहसीलदार से भी मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। तहसीलदार ने मौके पर ही क्षेत्र के पटवारी को फोन मिलाया मुद्दे के बारे में जानकारी प्राप्त की। पटवारी ने बताया कि वह इलाका सुचेतगढ़ तहसील के अंतर्गत नहीं आता है।
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उसके बाद ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पटवारी मोहम्मद यूनिस के पास गया और उन्हें आठ साल से रास्ते को बहाल करने के लिए हुई प्रक्रिया के दस्तावेज दिखाए। लोगों ने पटवारी को कहा कि अगर वह क्षेत्र सुचेतगढ़ तहसील के अंतर्गत नहीं आता है, तो जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार उस रास्ते की निशानदेही कैसे की गई थी। इसमें तहसील प्रशासन सुचेतगढ़ और अरनिया शामिल था। पटवारी ने कहा कि वह वीरवार को मौका देखने के लिए आएंगे और उसके बाद ही कार्यवाही पर स्पष्टीकरण दे सकेंगे। गौरतलब रहे कि 2016 में जिला मजिस्ट्रेट जम्मू के आदेश पर तहसीलदार सुचेतगढ़ और तहसीलदार अरनिया की मौजूदगी में रास्ते की निशानदेही की गई थी।
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लोग बोले- खेतों में जाना भी हुआ मुहाल
शेर-ए-चक के ग्रामीणों का कहना है कि 8 साल से प्रशासन से रास्ता बहाल करने की गुहार लगाई जा रही है। एक बार निशानदेही भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रास्ते पर अतिक्रमण जारी है। इससे दिन प्रतिदिन लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। अतिक्रमण के चलते लोगों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। फसल की कटाई, बुबाई और सिंचाई के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निरंतर एक-दूसरे के साथ झगड़े होते रहते हैं। लिहाजा प्रशासन को इस पर गौर करना चाहिए और जल्द मुद्दे को हल करना चाहिए।
गांव शेर-ए-चक के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर मिलने आया था। संबंधित क्षेत्र के पटवारी को मौका देख कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़
ग्रामीणों के अनुसार पुराने समय में उस रास्ते की निशानदेही हुई है। उससे संबंधित रिकॉर्ड भी उन्होंने पेश किया है। वीरवार को मौके पर जाकर देखा जाएगा और जो भी उचित कार्यवाही होगी वह की जाएगी।
- मोहम्मद यूनिस, पटवारी