{"_id":"5e2fe43c8ebc3e4ad4341709","slug":"order-for-investigation-against-army-brigadier-in-case-of-murder-after-kidnapping-of-citizen","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सेना के ब्रिगेडियर के खिलाफ जांच के आदेश, कश्मीरी नागरिक के अपहरण के बाद हत्या का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना के ब्रिगेडियर के खिलाफ जांच के आदेश, कश्मीरी नागरिक के अपहरण के बाद हत्या का मामला
Tue, 28 Jan 2020 01:05 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2020 01:05 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 18 साल पहले के एक मामले में एक सैन्य अफसर ब्रिगेडिर किशोर मल्होत्रा के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। अप्रैल 2020 से पहले अफसर के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देने के लिए कहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2002 में कश्मीर के रावलपोरा के रहने वाले मंजूर अहमद डार के मामले में यह सुनवाई हुई है। मंजूर अहमद डार पिछले 18 सालों से लापता है। जिसे सैन्य अफसर ने अपने अन्य साथियों के साथ पकड़ा था। लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है। मंजूर की पत्नी ने कोर्ट में यह मामला उठाया था। साथ ही कई आरोप भी लगाए हैं।
विज्ञापन
दरअसल, 2015 में हाईकोर्ट ने आदेश देकर कहा था कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। इसके बाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई। एसआईटी ने अपनी जांच में कहा कि उस समय के सैन्य अफसर किशोर मल्होत्रा इस केस में शामिल हैं।
विज्ञापन
इस जांच को सेना की तरफ से चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के जज दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। मंजूर की पत्नी का आरोप है कि उसके पति को सेना के अफसर ने पकड़ा और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
2002 में मेजर थे किशोर मल्होत्रा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह इस मामले की जांच पर रोक नहीं लगा सकते। तब किशोर मल्होत्रा मेजर थे। बाद में लेफ्टिनेंट कर्नल, फिर कर्नल और अब बिग्रेडियर बन चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अफसर पकड़ा जाना चाहिए और उससे पूछताछ होनी चाहिए।