फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   opposition will meet with The President

हिंसा पर एकजुट हुआ विपक्ष, राष्ट्रपति को बताएंगे कश्मीर का हाल

Thu, 18 Aug 2016 12:49 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Thu, 18 Aug 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
opposition will meet with The President
बैठक में मौजूद विपक्षी दल के नेता - फोटो : PTI
कश्मीर में जारी हिंसा पर केंद्र और रियासत सरकार के स्टैंड से असंतुष्ट विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को घाटी का सच बताने का फैसला किया है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र की कश्मीर नीति और रियासत सरकार द्वारा हालात से निपटने में विफलता की आलोचना की है।
विज्ञापन


पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पहल पर आयोजित विपक्षी दलों की बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर से सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग का विरोध किया। विपक्षी दलों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज से जांच कराए जाने पर जोर दिया है। 
विज्ञापन


बैठक के बाद उमर ने बताया कि रियासत के विपक्षी दलों के नेताओं का शिष्टमंडल नई दिल्ली भेजकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को हालात की जानकारी देने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा, सीपीआई एमके विधायक एमवाई तारिगामी के अलावा निर्दलीय विधायकों हकीम मोहम्मद यासीन और शेख अब्दुल रशीद और पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर ने भी हिस्सा लिया।

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से हो बातचीत

opposition will meet with The President
घाटी में कर्फ्यू जारी - फोटो : Amar Ujala
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्षी दलों ने कश्मीर के हालात पर चिंता प्रकट करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के रवैये पर उदासीनता प्रकट की है।  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को कश्मीर का सच बताने का फैसला लिया है। इसके लिए राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय लिया जाएगा।

हालात सामान्य बनाने के लिए सभी हित धारकों से वार्ता शुरू करने का दबाव बनाया जाएगा और राष्ट्रीय स्तर के विपक्षी दलों के नेताओं को भी हालात की जानकारी दी जाएगी। घाटी में करीब 70 लोगों की जान जा चुकी है। उमर ने कहा कि उनकी निजी राय है कि पीएम को अपने घर में हालात सुधारने की दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए।

अगर ब्लूचिस्तान पर प्रधानमंत्री बात कर सकते हैं तो उन्हें कश्मीर पर भी बात करनी होगी। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर सियासी मुद्दा है। हर बात के लिए पाकिस्तान पर आरोप लगाना ठीक नहीं है। अपनी गलतियों को भी सुधारना होगा। कहा कि 12 अगस्त को जम्मू कश्मीर में बने हालात पर प्रधानमंत्री की ओर से बुर्लाई सर्वदलीय बैठक भी असल में विपक्ष की कवायद के बाद हुई।

पाकिस्तान से भी बात होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा पूर्व में भी कर चुके हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार नाकाम हो गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed