काला धन को सफेद धन में बदलने का सुनहरा मौका 30 सितंबर तक
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रियासत में भी काला धन का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे लोग आयकर विभाग के रडार पर हैं। लोगों से अपनी इच्छा से काला धन घोषित करने और टैक्स की राशि अदा कर इसे सफेद करने का 30 सितंबर तक मौका दिया गया है। निर्धारित अवधि तक काला धन की घोषणा नहीं करने वालों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
अमर उजाला से बात करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त संगीता गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने काला धन को सफेद करने के लिए मौका दिया है। लोगों को इसका फायदा उठाना चाहिए। जितना काला धन हो उसका 45 फीसदी टैक्स जमा कर इसे सफेद किया जा सकता है।
इस राशि का फिर संबंधित व्यक्ति अपने बिजनेस या किसी भी मद में धड़ल्ले से इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास सभी लोगों के डाटा मौजूद है। कोई भी काला धन छिपा नहीं सकता।
बेनामी संपत्ति को भी वैध करने का अवसर
विभाग ने इसकी स्क्रूटनी शुरू कर दी है। विभाग के पास उपलब्ध लिस्ट से मिलान किया जाएगा। इससे भागने का किसी के पास कोई रास्ता नहीं बचेगा। तय समय सीमा के बाद विभाग की ओर से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यदि विभाग संबंधित लोगों के पास पहुंचता है तो 200 फीसदी की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
प्रधान आयकर आयुक्त ने बताया कि जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया है, जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं और जो आय से कम राशि पर टैक्स जमा कर रहे हैं वे सब अपने काले धन की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का काला धन घोषित कराने का लक्ष्य रखा गया है। यदि किसी को आनलाइन फार्म भरने में दिक्कत आ रही हो तो वह प्रधान आयकर आयुक्त से मिलकर फार्म भरवा सकता है।
प्रधान आयकर आयुक्त ने बताया कि बेनामी संपत्ति को भी वैध कराया जा सकता है। बाजार दर पर संपत्ति के मूल्य के हिसाब से टैक्स जमाकर अपने नाम पर कराया जा सकता है। इसके बाद एक साल के भीतर कभी भी इसकी रजिस्ट्री कराई जा सकती है।
काला धन घोषित करने के फायदे=
- आयकर विभाग की स्क्रूटनी से मुक्ति मिलेगी
- कोई नई पेनाल्टी नहीं लगेगी और न ही मुकदमा होगा
- काले धन को सफेद कर अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं
- नाम गोपनीय रहेगा। किसी अन्य विभाग से साझा नहीं होगा