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J&K: ऑपरेशन आल आउट ने फिर पकड़ी रफ्तार, 10 दिनों में एक दर्जन आतंकी ढेर

Fri, 30 Mar 2018 12:39 PM IST
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय,अमर उजाला,जम्मू
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय,अमर उजाला,जम्मू Updated Fri, 30 Mar 2018 12:39 PM IST
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Operation All Out again in speed, 12 militants killed in ten days j&k
भारतीय सेना के जवान - फोटो : BASIT ZARGAR
भारतीय सेना इन दिनों फुल एक्शन में है। इस साल शुरुआत से ही सेना पाक में बैठे आतंकी के सौदागरों पर कहर बनकर टूट रही है। आलम ये है कि आतंकी किसी तरह घुसपैठ करके तो भारतीय सीमा में दाखिल तो हो जा रहे हैं, लेकिन अपने नापाक मंसूबों को कामयाब होने से पहले सेना उन्हें ढेर कर देती है।
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इस साल सेना दिवस पर भी उड़ी सेक्टर से जैश के फिदायीन आतंकियों के एक दल की घुसपैठ करने की खबर मिली। जवानों ने जबरदस्त तरीके से कार्रवाई करते हुए पांच आतंकियों को मार गिराया था। बाकी आतंकी वापस भागने में कामयाब रहे। 
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 इस साल सेना द्वारा मारे गए ज्यादातर आतंकी फिदायीन थे। पिछले सिर्फ दस दिनों में सेना द्वारा किए गए ताबड़तोड़ एनकाउंटर में एक दर्जन से अधिक आतंकी मार गिराए गए। इसी महीने की 22 तारीख को कुपवाड़ा के हलमतपोरा इलाके में पांच आतंकियों ने घुसपैठ की।
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इन आतंकियों के निशाने पर घाटी के सैन्य कैंप थे। इस बार की गर्मियों में घाटी में दहशत पैदा करने आए ये दहशतगर्द उससे पहले ही सेना की रडार पर आ गए और 48 घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद मार गिराए गए। मारे गए सभी आतंकी पाकिस्तान के थे और लश्कर से जुड़े थे।

इसके ठीक दो दिनों बाद 24 मार्च को अनंतनाग को डुरू में जैश-ए-मोहम्मद के दो विदेशी आतंकियों को मार गिराया। 26 मार्च को भी सेना ने बडगाम में एक स्थानीय आतंकी को ढेर किया। वहीं इस महीने के अंत में सेना ने सटीक इनपुट मिलने के बाद सुंदरबनी मुठभेड़ में चार फिदायीन आतंकियों का काम तमाम कर दिया।

सरहद पर ही होता है गोलियों से सामना

Operation All Out again in speed, 12 militants killed in ten days j&k
indian army - फोटो : AMAR UJALA

आतंकी घुसपैठ के बाद जैसे ही भारतीय सरहद में दाखिल होते हैं उनके इंतजार में पहले से ही तैनात जवान गोलियों से उनका स्वागत करते हैं। इस साल की उड़ी और हलमतपोरा घुसपैठ की कोशिशों पर नजर डाले तो जवानों ने उन्हें एलओसी के निकट ही घेर कर उनका काम तमाम कर दिया।

जेके पुलिस का अहम योगदान
आतंकियों के सफाये में जेके पुलिस का अहम योगदान रहा है। साल 2017 में आतंकियों के खात्मे के लिए चलाए गए ऑपरेशन आल आउट में जम्मू कश्मीर पुलिस के एसओजी के जवानों ने हिस्सा बने।

सेना, पुलिस और सीआरपीएफ जवानों द्वारा संयुक्त हो कर किए गए एनकाउंटर में 200 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। इसके लिए डीजीपी एसपी वैद और एडीजीपी मुनीर खान की जोड़ी की काफी तारीफ हुई थी।

खुफिया तंत्र के बदौलत मिल रही कामयाबी
सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के खुफिया तंत्र घाटी के साथ ही नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाकों में भी बेहद सक्त्रिस्य है। यही कारण है कि आतंकियों को खोज-खोज कर मार गिराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक हलमतपोरा मुठभेड़ भी खुफिया इनपुट के कारण ही सफल रहा था, जिसके बाद हिजबुल ने पोस्टर जारी करके मुखबिरों को धमकी दी है।

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