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एक मुश्त दिया जाए राहत पैकेज
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सांबा। जिला के सीमावर्ती क्षेत्र पूलरा में रविवार को विस्थापितों की की एक बैठक पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी की ने की। इस दौरान केंद्र सरकार से विस्थापितों को एक मुश्त तीस लाख का राहत पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 1965-1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय विस्थापित लोग चार-पांच साल तक शिविरों में रहे। सरकार की ओर से उन्हें कोई राहत पैकेज नहीं दिया गया था।
कांग्रेस सरकार ने तीस लाख रुपये के राहत पैकेज की मांग उठाई थी। वहीं, तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने विस्थपितों को वन टाइम सेटलमेंट के लिए तीस लाख के राहत पैकेज पर चर्चा करवाई थी, मगर उसके बाद कुछ नहीं हुआ। साढे़ पांच लाख की एक किश्त देकर चुप करवा दिया है।
उन्होंने कहा कि हक के लिए सघंर्ष जारी रखेंगे। लोगों ने मांग की है कि विस्थापित परिवारों को तीस लाख के वन टाइम सेटलमेंट का लाभ दिया जाए। अब इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में कांग्रेस के जिला कठुआ सचिव बलवीर सिंह चौधरी, भोला शर्मा, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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कांग्रेस सरकार ने तीस लाख रुपये के राहत पैकेज की मांग उठाई थी। वहीं, तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने विस्थपितों को वन टाइम सेटलमेंट के लिए तीस लाख के राहत पैकेज पर चर्चा करवाई थी, मगर उसके बाद कुछ नहीं हुआ। साढे़ पांच लाख की एक किश्त देकर चुप करवा दिया है।
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उन्होंने कहा कि हक के लिए सघंर्ष जारी रखेंगे। लोगों ने मांग की है कि विस्थापित परिवारों को तीस लाख के वन टाइम सेटलमेंट का लाभ दिया जाए। अब इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में कांग्रेस के जिला कठुआ सचिव बलवीर सिंह चौधरी, भोला शर्मा, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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