सीमा पर हो रही पाक की गोलाबारी में एक और जवान शहीद, नागरिक की मौत
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कुछ समय खामोश रहने के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और एलओसी पर पाक के गोले बरसे। देर शाम को कानाचक सेक्टर में हुई गोलाबारी में दो भाई घायल हो गए। इनमें एक की मौत हो गई। शाम होते ही पगरवाल, अरनिया और नौशेरा सेक्टर में फिर से गोलाबारी शुरू हो गई।
रविवार को पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी शुरू कर दी। इसमें चपेट में आने के कारण कानाचक निवासी गोपाल बाबा की मौत व उनका भाई राम बाबा घायल हो गए। तीसरा भाई राधा कृष्ण का पहले से ही अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उधर, पाक गोलाबारी में पुंछ के मनकोट सेक्टर में घायल जवान ने दम तोड़ दिया। शहीद जवान सिगनलमैन चंदन कुमार राय उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के नदेसर मारुफपुर गांव के निवासी थे। इसके साथ ही पिछले पांच दिनों से पाक की गोलाबारी में मरने वालों की संख्या 12 तक पहुंच गई है।
शाम करीब साढ़े पांच बजे नौशेरा में पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया। रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की गई। क्षेत्र के कनेटी, भवानी, सेर, मकड़ी, नभ, कडाली, झांगड़, पुखरणी (लाम) आदि इलाकों में 120 एमएम मोर्टार के गोले दागे गए।
भारी हथियारों से गोलाबारी शुरू होते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। डर के मारे लोग अपने घरों में दुबके रहे। खबर लिखे जाने तक दोनों तरफ से गोलाबारी हो रही थी। उधर, शनिवार की रात नौ से 10 बजे तक आईबी के अरनिया में कुछ गोले दागे गए।
इसके बाद से अब तक गोलाबारी बंद है। एलओसी पर शाहपुर सेक्टर में भी कुछ गोले दागे गए थे। ज्ञात हो कि बुधवार से लेकर अब तक गोलाबारी में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सात नागरिक, तीन सैन्य कर्मी और दो बीएसएफ के जवान शामिल हैं। अब तक पचास से अधिक लोग गोलाबारी में घायल हो चुके हैं।
बंदूकें खामोश, लेकिन लोगों में दहशत बरकरार
आरएस पुरा सेक्टर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शनिवार दोपहर दो बजे बाद से गोलाबारी बंद है। लेकिन ग्रामीणों में अभी भी दहशत बरकरार है। लोग सहमे हुए हैं। पाकिस्तान की ओर जारी गोलाबारी के कारण अधिकतर गांव खाली पड़े हुए हैं।
अमर उजाला की टीम द्वारा रविवार दोपहर को सीमांत गांव अब्दुल्लियां, चंदू चक, लाइया, बेगा, बेरा और गोपड बस्ती का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। गांवों में इक्का-दुक्का ही लोग मिले जो मवेशियों को चारा डालने के लिए आए थे।
मवेशियों को देखने पहुंचे चौधरी यशपाल व पुरुशोत्तम लाल ने बताया कि परिवार के लोगों को शनिवार को ही राहत शिविरों में ले जाया गया था। रविवार को मवेशियों को देखने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है।
वह कभी भी गोलाबारी शुरू कर देता है। शनिवार सुबह गांव के गार सिंह की पाकिस्तानी गोलाबारी में जान चली गई थी। वहीं कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण कृष्णा देवी ने बताया कि घर के आंगन में मोर्टार जमीन में धंसा हुआ है।
जिस समय मोर्टार गिरा था वह अपने परिवार सहित कमरे में थी। मोर्टार जमीन में धंसने से कोई नुकसान नहीं हुआ। गांव गोवड़ बस्ती में भी ग्रामीणों के घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। संजय कुमार व राकेश कुमार पुत्र सुरम चंद के घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
वहीं नानक चंद, जनक राज के घर की छत पर गोला गिरने से लैंटर में सुराग हो गया। अधिकतर सीमांत गांवों में गोलबारी के बाद शनिवार सुबह से बिजली सप्लाई ठप है। रविवार को कर्मचारी क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे ठीक करते नजर आए।