पुलवामा: मुठभेड़ में लश्कर कमांडर सहित 3 ढेर
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के काकपोरा इलाके में वीरवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान लश्कर का जिला कमांडर ढेर हो गया। देर रात जिस मकान में आतंकी छिपे थे उसे सुरक्षा बलों ने विस्फोट कर उड़ा दिया।
इसमें एक अन्य आतंकी की भी मौत हो गई। फिलहाल उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हुए हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से दो के मारे जाने की ही पुष्टि की गई है।
पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक श्रीनगर से करीब 32 किलोमीटर दूर काकपोरा के अस्थान मोहल्ला इलाके में पुलिस को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इसके आधार पर इलाके में शाम 4 बजे तलाशी अभियान शुरू किया गया।
यह संयुक्त अभियान सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स, 182 और 183 बटालियन सीआरपीएफ के अलावा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा शुरू किया गया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस पर सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा खोल दिया। करीब 20 मिनट तक फायरिंग के बाद कुछ देर के लिए फायरिंग रुकी।
पुलिस के साउथ रेंज के डीआईजी नीतीश कुमार ने बताया कि लश्कर कमांडर की शिनाख्त तालिब शाह निवासी काकपोरा की गई है। वह पिछले कई वर्षों से इलाके में सक्रिय था।
मारा गया लश्कर कमांडर था एक पोस्ट ग्रेजुएट
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा ज़िले के काकपुरा इलाके में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया लश्कर-ए-तोइबा का 22 वर्षीय डिस्ट्रिक्ट कमांडर एक पोस्ट ग्रेजुएट था और वर्ष 2012 में उसने आतंकवाद की राह अपनाई।
उसके एक सगे संबंधी ने बताया कि तालिब ने कश्मीर विश्वविद्यालय से फिजिकल एजुकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उन्होने यह भी बताया कि वर्ष 2008 और 2010 में घाटी में खराब हालातों के दौरान उसने बढ़ चढ़ के प्रदर्शनों में हिस्सा लिया जिसके बाद उसे कईं बार सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में भी लिया गया।
इस सब से तंग आकर उसने लश्कर का दामन थामा और आतंकी बन गया। उन्होने यह भी बताया कि वो पढ़ाई में काफी काबिल था। वहीँ मुठभेड़ के दौरान जैसे ही उसके मारे जाने की खबर इलाके में फैली तो आस पास के इलाकों से सैंकड़ों लोग घटना स्थल की ओर पहुंचे लेकिन मुठभेड़ जारी होने के कारण उन्हे आगे बढ़ने नहीं दिया गया
जिसके चलते लोग सुरक्षाबलों के जवानो से भिड़ गए और हिंसक प्रदर्शन इलाके में शुरू हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए और हवाई फायरिंग भी की गई। इस दौरान कईं प्रदर्शनकारी और जवान घायल भी हुए।