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Lok Sabha Election: उमर अब्दुल्ला ने कहा- स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बार फारूक अब्दुल्ला नहीं लड़ेंगे चुनाव

Wed, 03 Apr 2024 02:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 03 Apr 2024 02:45 PM IST
सार

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की जिम्मेदारी है कि वह निर्वाचन क्षेत्र से सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार को मैदान में उतारे। श्रीनगर और बारामुला सीट से प्रत्याशियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

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Omar Abdullah said Farooq Abdullah won't contest LS polls due to health reasons
उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और श्रीनगर से मौजूदा सांसद फारूक अब्दुल्ला स्वास्थ्य कारणों से इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। बुधवार को नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के बाहरी इलाके रावलपोरा में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।
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उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'उन्होंने (फारूक अब्दुल्ला ने) अपने स्वास्थ्य के कारण इस बार चुनाव नहीं लड़ने के लिए (पार्टी के महासचिव) (अली मोहम्मद) सागर और पार्टी के अन्य सदस्यों से अनुमति ली है।'
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उन्होंने कहा कि अब यह पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह निर्वाचन क्षेत्र से सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार को मैदान में उतारे। श्रीनगर और बारामुला सीट से प्रत्याशियों की घोषणा जल्द की जाएगी। अनंतनाग-राजोरी सीट पर नेकां ने मियां अल्ताफ को मैदान में उतारा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतदाता एनसी उम्मीदवार को सफल होने में मदद करेंगे ताकि वह केंद्र में कश्मीर के लोगों की आवाज बन सकें।
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2002 में केंद्र की राजनीति में शामिल हुए फारूक अब्दुल्ला 

2002 के विधानसभा चुनावों में उमर अब्दुल्ला को नेकां का नेतृत्व करने के लिए चुना गया, जबकि 86 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो गए। फारूक अब्दुल्ला 2002 में जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा के लिए चुने गए और फिर 2009 में फिर से चुने गए। उन्होंने मई 2009 में राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और श्रीनगर से लोकसभा में एक सीट जीती।

अब्दुल्ला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। फारूक अब्दुल्ला ने 2014 के चुनाव में फिर से श्रीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार तारिक हमीद कर्रा से हार गए।

हालांकि, कर्रा ने 2017 में लोकसभा से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण श्रीनगर संसदीय सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसे अब्दुल्ला ने पीडीपी उम्मीदवार नजीर अहमद खान को हराकर जीता। उन्होंने 2019 में फिर से चुनाव जीता।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आगामी संसदीय चुनाव पिछले चुनावों से बहुत अलग है। उमर ने कहा, 'पिछले 30 वर्षों से, चुनाव किसी न किसी तरह से प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण लोगों ने चुनावों में भाग नहीं लिया। बंदूक के कारण हो या बहिष्कार के आह्वान के कारण श्रीनगर मेंराजनीति सीमित थी। कुछ क्षेत्र वोट देने के लिए निकलते थे और राजनीति उसी पर चलती थी।


नेकां उपाध्यक्ष ने कहा, 'इस बार, माहौल अलग होगा। हम कोई बहिष्कार का आह्वान नहीं देखेंगे, और बंदूकों का प्रभाव बहुत कम होगा। इस बार, श्रीनगर के लोगों को फैसला करना होगा कि वे यहां की राजनीति में भाग लेना चाहते हैं या नहीं। वे यह तय करना होगा कि वे अपनी आवाज उठाना चाहते हैं या नहीं, वे अपना प्रतिनिधि चुनना चाहते हैं या नहीं।'
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