उमर अब्दुल्ला बोले: घाटी में हर कोई कर रहा असुरक्षित महसूस, इस साल आतंकी हमलों में 28 नागरिकों ने गवाई जान
अब्दुल्ला ने इस साल 24 जून को दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी (दिल्ली और श्रीनगर के बीच की दूरी को दूर करने) को हटाने के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर बात करते हुए इस पर अमल करने को कहा।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में घाटी में हुई नागरिकों की हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि घाटी में हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है और प्रशासन से लोगों को सुरक्षा देने को कहा। उन्होंने कहा कि इस साल केंद्र शासित प्रदेश में अलग-अलग धर्मों के 28 नागरिकों की आतंकी हमलों में जान गई है।
उन्होंने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश करनी चाहिए कि हम कश्मीर से अल्पसंख्यकों का एक नया पलायन न देखें। उन्होंने कहा कि इस समय किसी भी समुदाय के लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए और समुदायों में सुरक्षा की भावना को बहाल करने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया जाना चाहिए।
अब्दुल्ला ने हाल के हमलों को एक खुफिया विफलता करार देने से परहेज करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करने में विफलता है। यह एक विफलता है जिसके लिए पुलिस को दोष नहीं दिया जा सकता। पुलिस द्वारा तो लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान आयोजित किए जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार को बहुत सावधान रहने की जरूरत है और बदला लेने की दृष्टि से गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बजाय इसे एक संगठन के रूप में या एक इकाई के रूप में देखा जाना चाहिए जो हर तरह से न्याय प्रदान करता है।