फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Omar Abdullah said: Everyone is feeling unsafe in the valley, 28 civilians lost their lives in terrorist attacks this year

उमर अब्दुल्ला बोले: घाटी में हर कोई कर रहा असुरक्षित महसूस, इस साल आतंकी हमलों में 28 नागरिकों ने गवाई जान

Wed, 13 Oct 2021 04:19 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 13 Oct 2021 04:19 PM IST
सार

अब्दुल्ला ने इस साल 24 जून को दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी (दिल्ली और श्रीनगर के बीच की दूरी को दूर करने) को हटाने के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर बात करते हुए इस पर अमल करने को कहा।

विज्ञापन
Omar Abdullah said: Everyone is feeling unsafe in the valley, 28 civilians lost their lives in terrorist attacks this year
उमर अब्दुल्ला - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में घाटी में हुई नागरिकों की हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि घाटी में हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है और प्रशासन से लोगों को सुरक्षा देने को कहा। उन्होंने कहा कि इस साल केंद्र शासित प्रदेश में अलग-अलग धर्मों के 28 नागरिकों की आतंकी हमलों में जान गई है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश करनी चाहिए कि हम कश्मीर से अल्पसंख्यकों का एक नया पलायन न देखें। उन्होंने कहा कि इस समय किसी भी समुदाय के लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए और समुदायों में सुरक्षा की भावना को बहाल करने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया जाना चाहिए।

विज्ञापन

अब्दुल्ला ने हाल के हमलों को एक खुफिया विफलता करार देने से परहेज करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करने में विफलता है। यह एक विफलता है जिसके लिए पुलिस को दोष नहीं दिया जा सकता। पुलिस द्वारा तो लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान आयोजित किए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के विभिन्न आतंकी समूहों में शामिल होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में सरकार और राजनीतिक दलों को चिंतित होना चाहिए। अब्दुल्ला ने इस साल 24 जून को दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी (दिल्ली और श्रीनगर के बीच की दूरी को दूर करने) को हटाने के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर बात की और सुझाव दिया कि अगर हम इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाते हैं तो यह हम उग्रवाद कम करने में काफी हद तक सक्षम होंगे।


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अवंतीपोरा में सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच मुठभेड़, जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर ढेर

उन्होंने कहा कि सरकार को बहुत सावधान रहने की जरूरत है और बदला लेने की दृष्टि से गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बजाय इसे एक संगठन के रूप में या एक इकाई के रूप में देखा जाना चाहिए जो हर तरह से न्याय प्रदान करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed