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जम्मू: उमर अब्दुल्ला बोले- पहाड़ियों को आरक्षण मिले, पर गुज्जरों-बकरवालों के न छीने जाएं अधिकार
Wed, 07 Feb 2024 05:38 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 07 Feb 2024 05:38 PM IST
सार
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सुंदरबनी (राजोरी) जाने की अनुमति नहीं दी गई, जहां उनकी पार्टी के लोगों ने आज एक सार्वजनिक बैठक आयोजित की थी।
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Omar Abdullah
- फोटो : ANI
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी पहाड़ियों को एसटी (अनुसूचित जाति ) का दर्जा दिए जाने का स्वागत करती है, लेकिन इससे गुज्जरों और बकरवालों के आरक्षण अधिकारों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
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उमर ने जम्मू में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे सुंदरबनी (राजोरी) जाने की अनुमति नहीं दी गई, जहां मेरी पार्टी के लोगों ने आज एक सार्वजनिक बैठक आयोजित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। पुलिस ने मेरे घर के दरवाजे बंद कर दिए और मुझे बताया गया कि कानून और व्यवस्था की स्थिति के कारण मैं सुंदरबनी नहीं जा सकता।'
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उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि घाटी में पुलिस घरों में ताला लगा देती थी और फिर ऐसी किसी भी बात से इनकार कर देती थी, लेकिन अब जम्मू में भी पुलिस ऐसा ही कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने जम्मू के पार्टी मुख्यालय जाने के लिए भी संबंधित एसडीपीओ की अनुमति लेनी पड़ी।
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उमर ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र वहीं खत्म हो जाता है जहां जम्मू-कश्मीर शुरू होता है। वे दावा करते हैं कि सब कुछ सामान्य है और फिर वे लोगों पर प्रतिबंध लागू क्यों करते हैं। सरकार ने पहाड़ियों को एसटी में शामिल कर दिया, लेकिन संसद में पारित विधेयक में भी यह उल्लेख नहीं है कि इसे कैसे लागू किया जाएगा।