डाक्टर साहब, अब कैसे करोगे प्राइवेट प्रैक्टिस
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ड्यूटी से गायब रह कर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डाक्टरों (मेडिकल अफसर/कंसलटेंट) पर नकेल कसने की कवायद की गई है। स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू ने सर्कु लर जारी कर ड्यूटी से 13 किलोमीटर के दायरे में डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है।
दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में प्राइवेट प्रैक्टिस में व्यस्त रहने की डाक्टरों की ज्यादा शिकायतें मिली हैं। निदेशालय ने सभी नर्सिंग होम से डाक्टरों का मासिक कामकाज का ब्योरा मांगा है, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार लोगों की सहूलियत के लिए चिकित्सा केंद्रों में डाक्टरों की हाजिरी सुनिश्चित बनाने के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले डाक्टरों के खिलाफ सीएसआर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खासकर दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों के चिकित्सा केंद्रों में विशेषज्ञ डाक्टरों का टोटा बना हुआ है। इनमें अधिकांश जगहों पर लगे डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
13 किलोमीटर का दायरा तय
स्वास्थ्य निदेशालय ने ऐसे डाक्टरों के लिए ड्यूटी वाले स्थान से 13 किलोमीटर का दायरा तय कर दिया है। इनमें अधिकांश विशेषज्ञ डाक्टर नर्सिंग होमों में सेवाएं दे रहे हैं। जिला जम्मू में ही कई नर्सिंग होम चल रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर भी कई नर्सिंग होम खुले हैं।
इन परिस्थितियों से दूरवर्ती क्षेत्रों में डाक्टरों की हाजिरी सुनिश्चित नहीं हो पाई है। मरीजों की शिकायत रही है कि निजी प्रैक्टिस पर डाक्टर ज्यादा गौर करते हैं, जिससे आर्थिक तौर पर कमजोर मरीजों को चिकित्सा केंद्रों में उचित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
निदेशालय ने ऐसी सूची भी तैयार की है, जिसमें ड्यूटी से गैरहाजिर दर्जनों डाक्टरों पर कार्रवाई के लिए प्रशासनिक विभाग से सिफारिश की गई है। जिला स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे डाक्टरों का ब्योरा मांगा गया है।