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रिश्वत मामले में अधिकारी को एक साल की सजा
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जम्मू। स्पेशल जज एंटी करप्शन उधमपुर ने एक अधिकारी दिनेश शर्मा को एक साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीन अप्रैल 2006 को उधमपुर निवासी पूर्ण चंद वर्मा ने लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि जीपीएफ मामलों को देखने वाले दिनेश शर्मा ने पीएफ खाते से पैसा निकालने के एवज में तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
पूर्ण चंद ने बताया कि पीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए वह जिला निधि कार्यालय उधमपुर पहुंचा। यहां सहायक कंपीलर (पीएचई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जीपीएफ के सहायक) बोधराज और एक अन्य कर्मचारी से संपर्क किया। विभाग के जीपीएफ मामलों को देखने वाले दिनेश शर्मा ने बताया कि पीएफ खाते में 40000 रुपये हैं। रुपये के भुगतान के लिए उसने तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पूर्ण चंद ने उसी दिन दिनेश शर्मा को पांच सौ का भुगतान किया। 25 सौ रुपये बाद में देने को कहा। इसकी शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद तत्कालीन विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बाद में चार्जशीट विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। अब कोर्ट ने अधिकारी को एक साल की सजा सुनाई है।
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पूर्ण चंद ने बताया कि पीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए वह जिला निधि कार्यालय उधमपुर पहुंचा। यहां सहायक कंपीलर (पीएचई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जीपीएफ के सहायक) बोधराज और एक अन्य कर्मचारी से संपर्क किया। विभाग के जीपीएफ मामलों को देखने वाले दिनेश शर्मा ने बताया कि पीएफ खाते में 40000 रुपये हैं। रुपये के भुगतान के लिए उसने तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पूर्ण चंद ने उसी दिन दिनेश शर्मा को पांच सौ का भुगतान किया। 25 सौ रुपये बाद में देने को कहा। इसकी शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद तत्कालीन विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बाद में चार्जशीट विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। अब कोर्ट ने अधिकारी को एक साल की सजा सुनाई है।
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