{"_id":"6257b3c747144839a3456497","slug":"now-kidney-transplant-can-be-done-in-gmc-jammu-got-certificate","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंबा इंतजार खत्म: अब जम्मू में हो सकेगा किडनी प्रत्यारोपण, जीएमसी जम्मू को मिला प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंबा इंतजार खत्म: अब जम्मू में हो सकेगा किडनी प्रत्यारोपण, जीएमसी जम्मू को मिला प्रमाणपत्र
Thu, 14 Apr 2022 11:10 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:10 AM IST
सार
जीएमसी जम्मू को मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम व ऊतक (टिशू) अधिनियम 1994 के तहत पांच साल के लिए पंजीकृत करते हुए प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इसके बाद जीएमसी के अधीन किडनी प्रत्यारोपण किया जा सकेगा।
विज्ञापन
kidney
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में किडनी (गुर्दा) रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब किडनी प्रत्यारोपण के लिए उन्हें दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने जीएमसी जम्मू को मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम व ऊतक (टिशू) अधिनियम 1994 के तहत पांच साल के लिए पंजीकृत करते हुए प्रमाणपत्र जारी किया है। इसके बाद जीएमसी के अधीन किडनी प्रत्यारोपण किया जा सकेगा।
विज्ञापन
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में कई साल पहले किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की कवायद शुरू की गई थी। तब पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एसके बाली के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे को तैयार किया गया। लेकिन कई कारणों से प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू नहीं हो पाई। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में दैनिक आधार पर तीन शिफ्टों में 30 से 40 मरीजों के डायलिसिस किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
अस्पताल की ओपीडी में मासिक 500-600 मरीजों में से 100 से 150 नए मरीज होते हैं। इनमें कई मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत होती है, लेकिन जम्मू संभाग में ऐसी सुविधा न होने से उन्हें दूसरे राज्यों में उपचार के लिए जाना पड़ रहा था। इसी साल मार्च के अंत में डीजीएचएस की टीम ने जीएमसी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, लैब सेवा विभागों और अन्य संबद्ध विभागों में सुविधाओं के साथ किडनी प्रत्यारोपण केंद्र का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जीएमसी जम्मू में ढांचा उपलब्ध
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने कहा कि यह फैसला मरीजों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जम्मू में पहला किडनी प्रत्यारोपण केंद्र स्थापित होने से क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) से पीड़ित मरीजों का प्रत्यारोपण करना आसान होगा। यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. इलियास शर्मा ने कहा कि हम संस्थान में गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू करने के
लिए तैयार हैं। आगामी हफ्तों में इस सुविधा को शुरू करने की योजना है। नेफ्रोलॉजी विभाग से डॉ. राजू भंडारी और डॉ. अमन गुप्ता ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक ढांचा उपलब्ध है।