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'कश्मीर पंडितों की घाटी में वापसी को अनुकूल माहौल नहीं'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 28 May 2016 09:21 PM IST
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उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए अभी माहौल अनुकूल नहीं है।
कश्मीरी हिंदुओं के साथ सिखों, डोगरों और कश्मीरी मुसलमानों को भी वापस ले जाया जाएगा। इसमें कलस्टर बनाकर काम होगा। जिससे वे अपने घरों को लौट पाएंगे। पंडितों की वापसी के मामले पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान को तरोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।
सरकार पंडितों की घाटी वापसी के लिए गंभीर है। लेकिन सुरक्षित वातावरण में ही उन्हें वहां भेजा जाएगा। नेकां प्रधान उमर अब्दुल्ला पर प्रहार करते हुए डा. सिंह ने कहा कि सदन में पंडितों की वापसी के मुद्दे पर उनके पास कोई जवाब नहीं था। वह हारे हुए हैं और सिर्फ सियासत कर रहे हैं।
उनके पास जनता को गुमराह करने के लिए कोई एजेंडा नहीं बचा है। गठबंधन सरकार विकास को तवज्जो दे रही है। लेकिन विपक्ष को यह रास नहीं आ रहा है। सरकार तीनों खित्तों में समान काम कर रही है। गठबंधन के एजेंडों को अवाम ने अपनाया है। सरकार ने अपने थोड़े से कार्यकाल में रिकार्ड विकास कराया है।
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कश्मीरी हिंदुओं के साथ सिखों, डोगरों और कश्मीरी मुसलमानों को भी वापस ले जाया जाएगा। इसमें कलस्टर बनाकर काम होगा। जिससे वे अपने घरों को लौट पाएंगे। पंडितों की वापसी के मामले पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान को तरोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।
सरकार पंडितों की घाटी वापसी के लिए गंभीर है। लेकिन सुरक्षित वातावरण में ही उन्हें वहां भेजा जाएगा। नेकां प्रधान उमर अब्दुल्ला पर प्रहार करते हुए डा. सिंह ने कहा कि सदन में पंडितों की वापसी के मुद्दे पर उनके पास कोई जवाब नहीं था। वह हारे हुए हैं और सिर्फ सियासत कर रहे हैं।
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उनके पास जनता को गुमराह करने के लिए कोई एजेंडा नहीं बचा है। गठबंधन सरकार विकास को तवज्जो दे रही है। लेकिन विपक्ष को यह रास नहीं आ रहा है। सरकार तीनों खित्तों में समान काम कर रही है। गठबंधन के एजेंडों को अवाम ने अपनाया है। सरकार ने अपने थोड़े से कार्यकाल में रिकार्ड विकास कराया है।
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