फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   NIA to recognize terrorist from those jaish terrorists who are detained in jails

#uriattack: जीपीएस से होगा आतंकियों के रूट का खुलासा

Wed, 21 Sep 2016 05:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 21 Sep 2016 05:51 PM IST
विज्ञापन
NIA to recognize terrorist from those jaish terrorists who are detained in jails
uri - फोटो : PTI
नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने उड़ी में सेना पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले की जांच शुरू कर दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस से जांच अपने हाथ में लेते ही एनआईए ने सैंपल लेने की कवायद शुरू कर दी।
विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों से बरामद हुए दो मोबाइल और दो जीपीएस कब्जे में ले लिए हैं। एनआईए अब आतंकियों की शिनाख्त के लिए डीएनए सैंपल लेकर जांच करेगी। 
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि उड़ी हमले के बाद ढेर किए गए चारों आतंकियों की तस्वीरें जम्मू-कश्मीर सहित देश की विभिन्न जेलों में कैद जैश आतंकियों को दिखाई जाएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जले हुए मिले है आतंकियों के शरीर

NIA to recognize terrorist from those jaish terrorists who are detained in jails
उड़ी हमले में मारे गए आतंकी - फोटो : Amar Ujala
जांच के दौरान दो आतंकियों के शरीर के निचले भाग बुरी तरह से जले पाए गए हैं। बरामद हुए दो जीपीएस में से एक जलने की वजह से खराब हो चुका है। दूसरे जीपीएस की जांच विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है।

जीपीएस के माध्यम से आतंकियों के घुसपैठ और सैन्य शिविर तक पहुंचने के रूट का पता लगाया जाएगा। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि आतंकियों को सैन्य शिविर तक किसी स्थानीय शख्स ने मदद तो नहीं की।

हमले वाली जगह लाइन आफ कंट्रोल से महज छह किलोमीटर की दूरी पर है।

पाकिस्तान को घेरने के लिए तैयार होगा डोजियर

NIA to recognize terrorist from those jaish terrorists who are detained in jails
nawaz sharif - फोटो : AP/PTI
जांच के बाद एनआईए टीम डोजियर तैयार करेगी और आतंकियों की शिनाख्त होने पर पाकिस्तान को सबूतों का पुलिंदा सौंपा जा सकता है। आतंकी हमले को लेकर सेना ने भी जांच शुरू कर दी है।

सेना की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आतंकी हमला करने से एक दिन पूर्व ही कैंप में दाखिल हो गए थे। जांच के दौरान लापरवाही के पहलू सामने आने पर भविष्य में सुरक्षा पुख्ता करने के सुझाव दिए जाएंगे। समझा जा रहा है पाकिस्तानी आतंकी तंजीमें एलओसी से सटे इलाकों को निशाना बना रही हैं। घुसपैठ करने के बाद जो भी सैन्य प्रतिष्ठान सामने नजर आता है उस पर हमला करने की रणनीति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed