टेरर फंडिंग मामले में गिलानी के करीबी की अकूत संपत्तियों का ब्यौरा खंगालने में जुटी NIA
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टेरर फंडिंग मामले में कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के करीबी वकील देविंदर सिंह बहल की अकूत संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में एनआईए जुटी हुई है। उसकी जम्मू-कश्मीर के अलावा कई जगह बेनामी संपत्तियों का पता चला है। घर से बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही हैं।
साथ ही लैपटॉप में दर्ज सूचनाओं की भी जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी की ओर से अलगाववादियों से लिंक तलाशने के साथ टेरर फंडिंग मामले में ठोस सुबूत जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बहल के घर से बरामद दस्तावेजों की जांच चल रही है। इसमें बैंक खाते भी शामिल हैं।
इसके साथ ही मोबाइल फोन तथा लैपटॉप की आईटी एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है। एजेंसी के हाथ कुछ ऐसे सबूत भी लगे हैं, जिसका साफ तौर पर घाटी में हिंसा के लिए लोगों को भड़काने की साजिश का पता चलता है।
जम्मू से नौशेरा तक ताबड़तोड़ छापेमारी
इसमें सोमवार को वायरल हुआ वीडियो भी शामिल है। जिसमें वह कश्मीर में एक सभा में मंच से आजादी के नारे लगा रहा है। सूत्रों ने बताया कि वकील के घर से हुर्रियत के कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। जम्मू से लेकर नौशेरा तक (जहां का वकील निवासी है) उसकी संपत्तियों के बारे में छानबीन की गई है।
एनआईए से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उसके घर से बरामद कागजातों तथा अन्य सामानों से टेरर फंडिंग से लिंक तलाशने की कोशिश की जा रही है। बहल से इस बात की भी पूछताछ की जा रही है कि वह पाक हैंडलर्स से पैसे लेकर अलगाववादियों तक राशि पहुंचाने के लिए कैरियर का काम तो नहीं कर रहा था।
एजेंसी आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस (जी) की घटक संस्था जम्मू-कश्मीर सोशल पीस फोरम (जेकेएसपीएफ) जिसका बहल चेयरमैन है, की गतिविधियों की भी जानकारी हासिल कर रही है।