अरनिया-आरएस पुरा जम्मू नार्को-टेररिज्म मामला: एनआईए ने सात के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र
यह कार्रवाई पिछले वर्ष 20 सिंतबर को जम्मू जिले के अरनिया में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हथियारों के साथ 62 किलो हेरोइन और हथियार पकड़े जाने के मामले से जुड़ी है। 20 सितंबर 2020 को अरनिया व बुल्लेचक के मध्य अग्रिम पोस्टों पर नशीले पदार्थ और हथियारों की तस्करी की बड़ी कोशिश को बीएसएफ ने नाकाम कर दिया था।
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एनआईए ने अरनिया-आरएस पुरा जम्मू नार्को-टेररिज्म मामले में सात तस्करों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा(बीकेआई) के नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल का हिस्सा थे। अभी मामले की जांच चल रही है।
इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य बीकेआई के लिए नशीले पदार्थों की आय के माध्यम से धन जुटाना था। इस साजिश में मॉड्यूल के हर सदस्य की भूमिका और जिम्मेदारी थी। जम्मू क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी और पंजाब में आपूर्ति और बिक्री शामिल थी।
नशीले पदार्थों की आय का उपयोग बीकेआई की आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जाना था। तस्करी किए गए हथियारों का इस्तेमाल बीकेआई के सदस्यों द्वारा आतंकवादी कृत्यों के लिए किया जाना था। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद और आगे की कार्रवाई में 9,06,300 रुपये की नशीली दवाओं की बरामदगी हुई थी।
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बब्बर खालसा को आर्थिक मदद पहुंचाता था गुरप्रताप
इस मामले में एनआईए ने 26 नवंबर 2020 को मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी थी। एनआईए ने शुरुआती जांच में पाया कि इस नार्को टेरर मॉड्यूल का मुखिया तरनतारन (पंजाब) का रहने वाला गुरप्रताप सिंह है जो नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से प्राप्त पैसे से आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशल को मदद पहुंचा रहा था।