फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   news story on pak firing victim

मनहूस घड़ी को अर्सा हो गया, जख्म आज भी हैं हरे

Tue, 07 Apr 2015 12:45 PM IST
Updated Tue, 07 Apr 2015 12:45 PM IST
विज्ञापन
news story on pak firing victim

आठ अक्टूबर 2014 की सुबह सात बजे जिले के सीमावर्ती गांव चलेआरी के बूटी राम का परिवार घर के बरामदे में बैठा था। उधर, पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी की जारी थी। पाकिस्तानी रेंजर्स मोट्रार्र के गोले दागे जा रहे थे।

विज्ञापन


बूटी राम का परिवार सहमा बरामदे में था कि एक गोला आंगन में आकर गिरा। इसके बाद देखते-देखते दिल दहला देने वाला मंजर सामने आ गया। चीख-पुकार मच गई। एक के बाद एक तीन गोले आगे पीछे गिरे।
विज्ञापन


परिवार वाले जहां-जहां बैठे थे वहीं निढाल हो गए। इस दौरान परिवार के छह लोग गंभीर घायल हो गए। गोलीबारी कम होने पर पड़ोसी उनके घर पहुंचे। जैसे-तैसे सभी को सांबा जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां से उन्हें जम्मू रेफर कर दिया गया। वहां पर बूटी राम, उनकी पत्नी शकुंतला और बहू पोली देवी की मौत हो गई, जबकि बूटी राम का बेटा सौदागर मल, पोता कुलदीप व पोता कौशल गंभीर घायल हो गए थे।

कैसे गुजर रही है इन पीड‌ितों की ज‌िंदगी

news story on pak firing victim

बूटी राम के बेटे सौदागर जो अपाहिज हो चुके हैं, उन मनहूस घड़ी को याद करते ही उनकी आंखें डबडबा जाती हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने अपने माता-पिता और पत्नी को खोया है। वह खुद भी काम करने लायक नहीं रहे।

वहीं दो बेटे भी बुरी हालत में है। ऐसे में किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली है। केबल फौरी सहायता देकर प्रशासन ने भी उनसे पीछा छुड़ा लिया था। सौदागर ने बताया कि जितनी उन्हें राहत सहायता दी गई, उससे अधिक उनका अस्पताल में खर्चा हो चुका है।

वह चंडीगढ़ में उपचाराधीन थे, लेकिन किसी भी अधिकारी या नेता ने उनकी कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने बताया कि वह गरीब हैं, उनकी कोई पहुंच भी नहीं, ताकि मदद के लिए कोई कोशिश कर सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed