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बढ़ रहीं चोरियां, ट्रेन के मुसाफिरों के लिए जरूरी खबर

Sun, 28 Sep 2014 12:47 AM IST
Updated Sun, 28 Sep 2014 12:47 AM IST
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news about theft in trains

ट्रेन के मुसाफिरों पर चोरों की नजर पड़ने लगी है। चोर घटनाओं को रात के समय चलती ट्रेन में अंजाम दे रहे हैं। मुसाफिर गहरी नींद में होते हैं और चोर अपना काम कर रहे होते हैं। ताजा मामले में शालीमार एक्सप्रेस में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है, जिसमें जीआरपी पुलिस ने पैंट्रीकार के रसोइये को गिरफ्तार भी कर लिया है, जबकि एक अभी तक फरार है।

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तीन माह पहले चोरों ने दिल्ली और जम्मू के बीच दौड़ने वाली राजधानी एक्सप्रेस में चोरों ने हाथ साफ किया था और यात्रियों के पर्स, मोबाइल और अन्य जरूरी सामान चुरा लिया था। पीड़ितों ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन उस मामले में जीआरपी कोई रिकवरी नहीं कर पाई।
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शिकायत नहीं करते अधिकतर मुसाफ‌िर

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17 सितंबर को हेमकुंड एक्सप्रेस में एक महिला के पर्स से पांच हजार रुपये निकल गए थे। महिला ने पुलिस के झंझट से मिलने वाली परेशानी के डर से शिकायत भी नहीं की।

हाल ही में रूप नगर निवासी दो बहनों ने 25 सितंबर को शालीमार एक्सप्रेस में उतरने के बाद उसी जीआरपी में उनका सामान तथा तीन पर्स चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई।

इस पर पुलिस ने पैंट्रीकार के रसोइये को गिरफ्तार करके सख्ती से पूछताछ की तो दो पर्स बरामद कर लिए गए।

स्लीपर और एसी कोच में अधिकतर घटनाएं

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अधिकतर बार चलती रेल गाड़ियों में ही चोरी की घटनाएं होती हैं। चोर स्लीपर कोच और एसी कोच के यात्रियों को अपना निशाना बताते हैं, क्योंकि यात्री इस गलतफहमी के साथ इन कोचों में सुनिश्चित होकर सो जाते हैं कि जीआरपी और आरपीएफ ट्रेन में तैनात रहती है लेकिन हकीकत में उनकी मौजूदगी के बावजूद ट्रेनों में चोरी हो जाना रात के समय ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करती है।

लुधियाना और अंबाला से चढ़ते हैं गिरोह
अभी तक ट्रेनों में सामने आई चोरी की घटनाओं में लुधियाना या अंबाला रेलवे स्टेशन के बाद चोरी की घटनाएं होती हैं। इससे यह कहना आसान है कि गिरोह के सदस्य उक्त स्टेशनों से चढ़ते हैं। इसके साथ ही चलती ट्रेन में टिकट ट्रैवलर इंस्पेक्टर (टीटीई) थोड़े से पैसों के लालच के लिए बिना गहराई तक जाए किसी को भी जनरल टिकट पर स्लीपर टिकट बनाकर दे देते हैं।

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रिकवरी बाकी, दूसरा आरोपी फरार

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शालीमार एक्सप्रेस में चोरी की घटना को अंजाम देने के आरोप में पकड़े गए रसोइये मुजफ्फर नगर निवासी आलोक श्रीवास्तव से पुलिस अभी तक बाकी सामान की रिकवरी नहीं कर पाई है और आरोपी की ओर से दी गई दूसरे साथी की जानकारी पर उसे अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।

पुलिस मामले में जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपी के अलावा पैंट्रीकार के मैनेजर से भी पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की थी। इसके अलावा अन्य पैंट्रीकार में काम करने वालों को भी बुलाया गया था। फिलहाल मामले में जांच जारी है।

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ दोनों स्टाफ होता है। चोरी की घटनाएं न हों, इसके लिए ट्रेनों में लगातार गश्त भी की जाती है। ऐसे में लोगों भी अपने सामान के प्रति सक्रिय रहने की जरूरत है।

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