फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   nc members walkout from legislative council

पंचायतों की अनदेखी पर विप में हंगामा

Thu, 26 Mar 2015 11:07 PM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:07 PM IST
विज्ञापन
nc members walkout from legislative council

विधान परिषद में वीरवार को प्रश्न काल के दौरान पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर पंचायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विपक्षी दल नेकां और कांग्रेस के कई सदस्यों ने सदन में हंगामा करने के बाद वाक आउट कर दिया। वहीं राजस्व मंत्री मुस्तफा मीर ने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान नेकां सदस्यों ने 49 मिनट और कांग्रेस सदस्यों ने 90 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर बोला, लेकिन वह पंचायतों पर नहीं बोले।

विज्ञापन


अब वित्त मंत्री के जवाब के बाद उन्हें इसकी याद आई है। नेकां सदस्यों में डा. शहनाज गनेई, सज्जाद अहमद किचलू, नूर हुसेन, गुलाम कादिर परदेसी, डा. बशीर अहमद वीरी और कांग्रेस सदस्यों में गुलाम नबी मोंगा, जहांगीर हुसैन मीर, शाम लाल भगत ने वाक आउट करने से पूर्व कहा कि रियासती सरकार के बजट में पंचायतों के लिए कुछ नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पंचायतों की अहम भूमिका है, लेकिन पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। इस मामले में पहले ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान और हज व औकाफ मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू को सदस्यों की चिंता से अवगत करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद राजस्व मंत्री मुस्तफा मीर ने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान नेकां और कांग्रेस सदस्यों को पंचायतों की याद नहीं आई।

रियासत में 29 गांव रहने के लिए असुरक्षित

nc members walkout from legislative council

रियासत में 29 गांव, मोढ़े रहने के लिए असुरक्षित हैं। राहत और पुनर्वास मंत्री बशारत बुखारी ने वीरवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस एमएलसी जहांगीर हुसेन मीर के सवाल के जवाब में यह खुलासा किया।

मंत्री ने बताया कि जम्मू में चौकीचौरा में दो गांव और सरुईंसर में एक गांव  रहने के लिए असुरक्षित है। उधमपुर में सद्दल और पंजर गांव शामिल है। रियासती में टांडा, मनसू, कांजली, कुंदरा, डेरा बाबू, कंसर, देवीगढ़, चन्ना, हस्तो, मुलास और जमस्लान शामिल है। रामबन में कच्चर बास और रखजरोग मोढ़े शामिल हैं।

किश्तवाड़ में अजना, ओंजल और पानी नाला नाला शामिल है। पुंछ में चेला, डांगरी और अप्पर पोथा, कुलगाम में गुंड टंकीपोरा, जोंगलपोरा, छंगगुंड, अरीगुपसो और अस्थायी शामिल है। मंत्री ने कहा कि असुरक्षित गांवों के लोगों के पुनर्वास के लिए 900 कनाल पांच मरला भूमि की पहचान कर ली गई है और जिला उपायुक्त जल्द ही पहचान की गई भूमि को फाइनल करेंगे।

पिछड़े गांवों का दर्जा देने में सियासी गल्तियां

nc members walkout from legislative council

समाज कल्याण, वन और पर्यावरण मंत्री बाली भगत ने वीरवार को विधान परिषद में नेकां सदस्य मास्टर नूर हुसेन के सवाल के जवाब में कहा कि रियासत में पिछड़े गांवों का दर्जा देने के मामले में सियासी गल्तियां हुई हैं।

उन्होंने कहा कि जिन गांवों में बुनियादी सुविधाएं नहीं है वहां पिछड़े गांव का दर्जा नहीं मिला, जबकि नेशनल हाईवे से सटे कई गांवों को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया गया।

मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि पिछड़े क्षेत्र के लिए योग्य गांवों को पिछड़ा गांव का दर्जा मिले और जहां गल्तियां हुई हैं, उसे दुरुस्त कर ऐसे गांवों से पिछड़ा गांव का दर्जा वापस लिया जाए।

इस मामले में कांग्रेस के रविंद्र शर्मा, भाजपा के विबोध गुप्ता, पीडीपी के सुरेंद्र चौधरी, कांग्रेस के नरेश गुप्ता, जहांगीर मीर आदि ने भी हिस्सा लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed