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सियासत: मैं भी भजन गाता था... महबूबा मुफ्ती के बयान पर बोले फारूक अब्दुल्ला
Wed, 21 Sep 2022 11:01 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 21 Sep 2022 11:01 AM IST
सार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के भजन वाले बयान पर फारूक अब्दुल्ला अलग राय रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह भी भजन गाते रहे हैं तो क्या वे हिंदू हो गए। उनके अनुसार वह यह स्वीकार नहीं करते हैं कि भारत सांप्रदायिक है। यह धर्मनिरपेक्ष रहा है और रहेगा।
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Farooq Abdullah
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जम्मू संभाग के जिला रामबन में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के भजन वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह भी भजन गाते रहे हैं तो क्या वे हिंदू हो गए। उनके अनुसार वह यह स्वीकार नहीं करते हैं कि भारत सांप्रदायिक है। यह धर्मनिरपेक्ष रहा है और रहेगा।
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फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ' मैं यह स्वीकार नहीं करता कि भारत सांप्रदायिक है, यह धर्मनिरपेक्ष रहा है और रहेगा। मैं भजन गाता था, लेकिन क्या मैं उसके कारण हिंदू बन जाऊंगा।'
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साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 और 35ए पर कहा, 'हम अनुच्छेद 370 और 35 से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट में हैं। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इसे सुनेगा.. हम न केवल सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर होने के साथ ही राजनीतिक लड़ाई भी लड़ रहे हैं, जितने अधिक वोट हम जीतेंगे, उतना ही ज्यादा हम इसे विधानसभा में इसे आगे बढ़ा पाएंगे।'
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उल्लेखनीय है कि महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कुलगाम के एक स्कूल के वायरल वीडियो को शेयर करते हुए भजन गवाने को हिंदुत्व का एजेंडा करार दिया था। वीडियो में स्कूली बच्चे महात्मा गांधी के लोकप्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम गा रहे थे।
महबूबा मुफ्ती ने लिखा था, 'धार्मिक विद्वानों को जेल में डालना, जामा मस्जिद को बंद करना और यहां स्कूली बच्चों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देशित करना कश्मीर में भारत सरकार के वास्तविक हिंदुत्व एजेंडे को उजागर करता है। इन आदेशों को नकारना पीएसए और यूएपीए को आमंत्रित करता है। यह वह लागत है जो हम इस तथाकथित बदलता जम्मू-कश्मीर के लिए चुका रहे हैं।'
भाजपा ने महबूबा को दी हिदायत
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने महबूबा मुफ्ती के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं के दिमाग में जहर घोल रही हैं। महबूबा ने कश्मीर में अपनी जमीन खो दी है । वह इसे वापस पाने के लिए इस तरह की साजिश रच रही हैं। उन्हें युवा दिमागों में जहर डालने वाली राजनीति से बचना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस भजन से महात्मा गांधी ने पूरे देश को एकजुट किया था। स्कूली बच्चे 'लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी...' गाते हैं। इससे किसी से कोई आपत्ति नहीं रही है। यह देश सभी का है, सभी धर्मों के लोग - हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य का है। महबूबा को अल्लामा इकबाल की 'मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना' पढ़ना चाहिए।