कारगिल वॉर: आज ही के दिन पाक ने स्वीकार कर ली थी हार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत पाकिस्तान के बीच 1999 में हुए कारगिल वॉर में भारत ने पाकिस्तान के सैनिको और घुसपैठियों को सबसे महत्वपूर्ण चोटी को चार जुलाई को वापस अपने कब्जे में लिया था।
टाइगर हिल पर फतह युद्द में भारत को निर्यणक साबित हुई। इस हार से डरकर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मदद के लिए सीधे अमेरिका जा पहुंचे लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान को मदद देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद भारत के साथ कारगिल विवाद को खत्म करने के मकसद से पांच जुलाई यानि आज ही दिन तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ समझौता किया था।
नवाज शरीफ से बयान से टूट गई पाक की सेना
अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या चार जुलाई, 1999 को शरीफ वॉशिंगटन पहुंचे नवाज शरीफ ने कारगिल विवाद को खत्म करने के समझौते पर क्लिंटन से चर्चा की थी।
पांच जुलाई को तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से एक बयान जारी किया गया कि उनकी सेना कारगिल से पीछे हट रही है। इसी के बाद कारगिल मे बुरी तरह परास्त हो चुकी पाकिस्तान की सेना का मनोबल टूट गया।
हालांकि नवाज शरीफ के इस बयान के बाद भी भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध चलता रहा। अखिरकार 11 जुलाई को पाकिस्तान की सेना ने कारगिल क्षेत्र से पीछे हटना शुरु कर दिया।