{"_id":"5b78c5c342c7924639036757","slug":"navjot-singh-siddhu-was-hugging-pakistan-army-chief-when-their-amy-was-attacking-on-loc","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीमा पर जब पाक बरसा रहा था गोले, तब सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा से मिल रहे थे गले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमा पर जब पाक बरसा रहा था गोले, तब सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा से मिल रहे थे गले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 19 Aug 2018 06:50 AM IST
विज्ञापन
NAVJOT SINGH SIDDHU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टंगधार में एलओसी पर शनिवार सुबह एक तरफ पाकिस्तानी सेना भारतीय चौकियों पर गोले बरसा रही थी, वहीं लगभग उसी दौरान पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाक सेना प्रमुख के गले मिलकर उनके कसीदे पढ़ रहे थे। सिद्धू पाकिस्तान में चल रहे प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में इमरान खान के बुलावे पर वहां गए हुए हैं। सिद्धू की इस्लामाबाद में "हग डिप्लोमेसी" को लेकर सोशल मीडिया में भारी किरकिरी हो रही है।
इमरान खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। उनके शपथग्रहण समरोह में हिस्सा लेने के लिए भारत से पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पहुंचे। समारोह में पहुंचे सिद्धू ने पाकिस्तानी सेना के चीफ कमर जावेद बाजवा के गले लगे। समारोह के दौरान उन्हें पीओके यानि पाक अधिकृत कश्मीर के प्रेसिडेंट मसूद खान के बगल में बैठाया गया। भारत और पाक के बीच पीओके को लेकर काफी सालों से विवाद जारी है। पीओके को भारत सरकार मान्यता नहीं देती है। सिद्धू के बाजवा से गले मिलने की देश में तीखी आलोचना हो रही है।
सिद्धू ने बाजवा को गले लगाकर अपनी पार्टी कांग्रेस को असहज कर दिया है। उनका ऐसा करना कांग्रेस के एक प्रवक्ता को पसंद नहीं आया। प्रवक्ता राशिद अल्वी ने एक चैनल पर कहा, 'यदि वह मुझसे सलाह लेते तो मैं उनको पाकिस्तान जाने से मना करता। वह दोस्ती के नाते गए हैं, लेकिन दोस्ती देश से बड़ी नहीं है। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं और ऐसे में पाकिस्तान सेना के चीफ को सिद्धू का गले लगाना गलत संदेश देता है। भारत सरकार को उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। भारत सरकार की सहमति से वह पाकिस्तान गए हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
इमरान खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। उनके शपथग्रहण समरोह में हिस्सा लेने के लिए भारत से पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पहुंचे। समारोह में पहुंचे सिद्धू ने पाकिस्तानी सेना के चीफ कमर जावेद बाजवा के गले लगे। समारोह के दौरान उन्हें पीओके यानि पाक अधिकृत कश्मीर के प्रेसिडेंट मसूद खान के बगल में बैठाया गया। भारत और पाक के बीच पीओके को लेकर काफी सालों से विवाद जारी है। पीओके को भारत सरकार मान्यता नहीं देती है। सिद्धू के बाजवा से गले मिलने की देश में तीखी आलोचना हो रही है।
विज्ञापन
सिद्धू ने बाजवा को गले लगाकर अपनी पार्टी कांग्रेस को असहज कर दिया है। उनका ऐसा करना कांग्रेस के एक प्रवक्ता को पसंद नहीं आया। प्रवक्ता राशिद अल्वी ने एक चैनल पर कहा, 'यदि वह मुझसे सलाह लेते तो मैं उनको पाकिस्तान जाने से मना करता। वह दोस्ती के नाते गए हैं, लेकिन दोस्ती देश से बड़ी नहीं है। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं और ऐसे में पाकिस्तान सेना के चीफ को सिद्धू का गले लगाना गलत संदेश देता है। भारत सरकार को उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। भारत सरकार की सहमति से वह पाकिस्तान गए हैं।'
विज्ञापन
तंगधार सेक्टर में पाकिस्तानी ने फिर तोड़ा सीजफायर, दो स्थानीय घायल
उत्तरी कश्मीर के सीमान्त जिले कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर के करनाह में पाकिस्तान की फायरिंग में दो स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक गोलाबारी जारी रही।
मिली जानकारी के अनुसार करनाह में पकिस्तान की ओर से शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक गोलीबारी जारी रही। इस गोलीबारी के दौरान जहांगीर अहमद और जमीर अहमद नामी दो स्थानीय घाला हुए जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
एसएसपी कुपवाड़ा एएस दिनकर ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पकिस्तान की ओर से गोलीबारी जारी रही जो शनिवार तक जारी थी। उन्होने बताया कि रात भर इलाका गोलियों की आवाजों से गूंजता रहा।
गौरतलब है कि उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि दोनों स्थानीय को मोर्टार के फटने के बाद पहाड़ी के पत्थरों के लगने से चोट पहुंची है ना कि गोली या किसी स्प्लिन्टर से।
वहीं उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से करनाह के टाड इलाके को निशाना बनाया गया। बता दें कि इलाके में रात भर दहशत का माहोल बना रहा और लोग खौफ के मारे सहमे रहे।
मिली जानकारी के अनुसार करनाह में पकिस्तान की ओर से शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक गोलीबारी जारी रही। इस गोलीबारी के दौरान जहांगीर अहमद और जमीर अहमद नामी दो स्थानीय घाला हुए जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
एसएसपी कुपवाड़ा एएस दिनकर ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पकिस्तान की ओर से गोलीबारी जारी रही जो शनिवार तक जारी थी। उन्होने बताया कि रात भर इलाका गोलियों की आवाजों से गूंजता रहा।
गौरतलब है कि उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि दोनों स्थानीय को मोर्टार के फटने के बाद पहाड़ी के पत्थरों के लगने से चोट पहुंची है ना कि गोली या किसी स्प्लिन्टर से।
वहीं उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से करनाह के टाड इलाके को निशाना बनाया गया। बता दें कि इलाके में रात भर दहशत का माहोल बना रहा और लोग खौफ के मारे सहमे रहे।