कसाब की तरह नखरे नहीं दिखा रहा नावेद
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उधमपुर हमले में पकड़े गए आतंकी नावेद को कोट भलवाल जेल में अन्य कैदियों की तरह ही खाना दिया जा रहा है। नावेद कसाब के बाद दूसरा पाकिस्तानी आतंकी है जो जिंदा पकड़ा गया।
लेकिन दोनों के मिजाज में जमीन आसमान का फर्क है। कसाब ने जहां अपने नखरों और नई नई मांगों से सबको परेशान कर रखा था, वहीं नावेद बिल्कुल शांत है। नावेद ने जेल में मिलने वाली दाल रोटी खाते वक्त कोई नखरा नहीं दिखाया और किसी विशेष खाने की मांग भी नहीं की।
वह अपने पास आने वाले हर किसी से सजा माफी की अपील करना नहीं चूकता। जेल के स्टाफ और संतरी से उसकी लगातार यहीं मांग चली आ रही है कि वह जिंदा रहना चाहता है।
नावेद ने बिना नखरों के उसने यह सब खाया
नावेद के बुधवार को जम्मू कोर्ट में इकबालिया बयान दर्ज होने के बाद सीजेएम ने 4 सितंबर तक कोट भलवाल जेल में न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। वुधवार को नावेद जेल में शाम को करीब 6 बजे पहुंचा।
यहां नावेद को एक भिन्न सेल में रखा गया है। नावेद के पास एक संतरी तैनात किया गया है। रात में नावेद ने अन्य कैदियों के लिए बनाए गए खाने को ही खाया। इसमें दाल रोटी, चावल शामिल था।
वीरवार को सुबह नाश्ते में चाय, दोपहर में भी दाल रोटी और जेल के मेन्यू के तहत उसे खाना दिया। बिना नखरों के उसने यह सब खाया।
डाक्टर द्वारा पूरी जांच के बाद ही उसे खाना दिया गया। जेल सूत्रों का कहना है कि नावेद का व्यवहार किसी को तंग करने का नहीं है। वह शांत स्वभाव का है, लेकिन बार बार एक ही रट लगाए हुए है कि उसकी सजा माफ कर दी जाए और उसे घर भेज दिया जाए।