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J&K: पत्नी के अंतिम संस्कार के पैसों से पी ली शराब, गर्भवती थी पत्नी, 'कफन' का किया गया मंचन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:39 AM IST
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‘कफन’ नाटक का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
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नटरंग स्टूडियो की ओर से मंगलवार को ‘कफन’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक में शराब की लत और गरीबी से ग्रस्त समाज की कहानी को दर्शाया गया है। नाटक का लेखन प्रेमचंद ने किया था जिसका निर्देशन नीरज कांत ने किया है।
नाटक की कहानी में घीसू और उसका बेटा महादेव भुखमरी, गरीबी और शराब की लत से परेशान होते हैं। महादेव की पत्नी गर्भावस्था में होती है। प्रसव के समय इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो जाती है।
पत्नी का अंतिम संस्कार के लिए उनके पास पैसे तक नहीं होते हैं। दोनों गांव वालों से मदद मांगते हैं। गांव वालों से कुछ पैसा मिलने के बाद वह अंतिम संस्कार का सामान खरीदने दुकान पर जाते हैं।
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इस बीच, दोनों का मन बदल जाता है और पैसे से शराब खरीद लेते है। दोनों कहते हैं कि एक मृत शरीर को दो गज कपड़े की क्या आवश्यकता है। नाटक में दर्शाया गया कि कैसे शराब की लत मनुष्य को बर्बाद कर देती है।
इस दौरान बताया गया कि शराब की लत से ग्रस्त मनुष्य को समाज, परिवार की कोई चिंता नहीं होती है। नाटक में शिवम, अजय, मनोज, जिशान और अन्य ने अभिनय किया।
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नाटक की कहानी में घीसू और उसका बेटा महादेव भुखमरी, गरीबी और शराब की लत से परेशान होते हैं। महादेव की पत्नी गर्भावस्था में होती है। प्रसव के समय इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो जाती है।
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पत्नी का अंतिम संस्कार के लिए उनके पास पैसे तक नहीं होते हैं। दोनों गांव वालों से मदद मांगते हैं। गांव वालों से कुछ पैसा मिलने के बाद वह अंतिम संस्कार का सामान खरीदने दुकान पर जाते हैं।
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इस बीच, दोनों का मन बदल जाता है और पैसे से शराब खरीद लेते है। दोनों कहते हैं कि एक मृत शरीर को दो गज कपड़े की क्या आवश्यकता है। नाटक में दर्शाया गया कि कैसे शराब की लत मनुष्य को बर्बाद कर देती है।
इस दौरान बताया गया कि शराब की लत से ग्रस्त मनुष्य को समाज, परिवार की कोई चिंता नहीं होती है। नाटक में शिवम, अजय, मनोज, जिशान और अन्य ने अभिनय किया।