राष्ट्रीय बीमा स्वास्थ्य योजना अप्रैल से
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का दूसरा चरण अप्रैल 2015 से शुरू किया जा रहा है। डेढ़ साल से बीपीएल धारकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस योजना के तहत स्मार्ट कार्ड पर एक बीपीएल परिवार में पति, पत्नी उनके दो बच्चे और परिवार का अन्य एक सदस्य मिलाकर पांच लोगों को संबंधित अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा सुविधाओं का लाभ दिया जाता है।
परिवार कल्याण विभाग जेएंडके के निदेशक डा. बलदेव राज शर्मा के अनुसार जम्मू और कश्मीर संभाग में कुछ जिलों के बीपीएल धारकों का रिकार्ड इकट्ठा किया जा रहा है। उम्मीद है अप्रैल में राज्य में यह योजना शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार के नए सर्कुलर में बीमा योजना को श्रम विभाग से स्वास्थ्य विभाग में शिफ्ट किया गया है।
पहले यह योजना श्रम विभाग के अधीन चल रही थी। पिछले साल बाढ़ में कश्मीर के रिकार्ड को नुकसान पहुंचा था। पहले चरण में राज्य में एक जनवरी 2012 में इस हेल्थ इंश्योरेंस योजना को शुरू किया गया था। इसमें जिला जम्मू और जिला श्रीनगर में इस स्कीम को अमल में लाया गया, जिसमें जिला जम्मू में 30,529 और श्रीनगर में करीब पांच हजार बीपीएल लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया।
30 रुपये में 30 हजार का हेल्थ इंश्योरेंस
अगस्त 2013 को स्कीम की अवधि खत्म हो जाने के बाद योजना को बंद कर दिया गया। दूसरे चरण में जम्मू और कश्मीर संभाग से छह-छह जिलों को कवर किया जाना है। केंद्र और राज्य सरकार की प्रायोजित इस बीमा योजना में जम्मू संभाग में जिला जम्मू, उधमपुर, रियासी, सांबा, कठुआ, राजोरी और कश्मीर से जिला श्रीनगर, कुलगाम, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा और गांदरबल शामिल हैं।
इसमें जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में बीपीएल धारकों की सूची बनाने का काम पूरा कर लिया गया था। इसके अलावा कश्मीर के भी कई जिलों की बीपीएल सूची तैयार की जा रही थी। लेकिन बाढ़ से प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा। इस योजना के तहत लाभार्थी को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है। इसमें लाभार्थी का 30 रुपये में पंजीकरण किया जाता है।
उसे तीस हजार रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ दिया जा रहा है। कुल प्रीमियम में 348 रुपये में लाभार्थी के 30 रुपये के अलावा अन्य राशि में 10 प्रतिशत राज्य और बाकी केंद्र भुगतान करता है।