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Jammu News: पांडुलिपियों संरक्षण पर जोर, पाठ्यक्रम शुरू करने की सिफारिश

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Museum Day Celebrate in Jammu University
जम्मू विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी को देखते संकाय सदस्य
जेयू में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया गया
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। संग्रहालय विज्ञान अध्ययन केंद्र और शेख नूर उद-दीन नूरानी विरासत संग्रहालय, जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) की ओर से शनिवार को जेयू में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया गया। पांडुलिपि संरक्षण केंद्र और शाश्वत आर्ट गैलरी और संग्रहालय जम्मू के साथ सहयोग के साथ करवाए गए इस कार्यक्रम में पांडुलिपियों के संरक्षण पर जोर दिया गया। केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत संचालित पांडुलिपि संरक्षण केंद्र के विशेषज्ञ संरक्षकों के नेतृत्व में एक प्रदर्शनी व एक दिवसीय कार्यशाला लगाई गई।
मुख्य अतिथि अकादमिक मामलों की डीन प्रोफेसर अंजू भसीन ने पांडुलिपियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए पांडुलिपि संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में एशियाटिक सोसायटी ऑफ कोलकाता के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने पांडुलिपि संरक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की वकालत की। क्षेत्रीय केंद्र आईजीएनसीए की निदेशक श्रुति अवस्थी और आईजीएनसीए क्षेत्रीय केंद्र, संस्कृति मंत्रालय के तहत पांडुलिपि संरक्षण केंद्र के समन्वयक डॉ. सुरेश अबरोल ने भी पांडुलिपि संरक्षण पर विचार रखे। इससे पहले प्रो. पूनम चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (आईसीओएम) के व्यापक विषय शिक्षा और अनुसंधान के लिए संग्रहालय के साथ संरेखित किया।
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समन्वयक डॉ. अबरोल, वरिष्ठ संरक्षक अरविंद, कनिष्ठ संरक्षक केवल कृष्ण कोतवाल और कनिष्ठ संरक्षक कैलाश कुमार सहित संसाधन व्यक्तियों ने पांडुलिपि संरक्षण के बुनियादी सिद्धांतों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। प्रतिभागियों में जम्मू-कश्मीर के कॉलेजों के छात्र, विद्वान और संकाय सदस्य शामिल हुए, जो कार्यक्रम में प्रशिक्षु के रूप में थे। कार्यक्रम को गतिविधियों की एक विस्तृत शृंखला को शामिल करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसमें पांडुलिपियों के विविध संग्रह को प्रदर्शित करने से लेकर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, पांडुलिपि संरक्षण के सिद्धांतों और तकनीकों पर व्यापक ज्ञान प्रदान करना शामिल था।
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