{"_id":"61b7aebd179e1820551e29dc","slug":"murder-jammu-city-news-jmu249728353","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दिन से लापता रामबन के ट्रक चालक की निर्मम हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह दिन से लापता रामबन के ट्रक चालक की निर्मम हत्या
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जम्मू। रामबन के रहने वाले एक वाहन चालक का शव जम्मू के कासिम नगर से बरामद हुआ है। चेहरा पूरी तरह से क्षत विक्षत मिला। चेहरे पर तेजधार हथियारों से बुरी तरह से हमले किए गए हैं। जबकि मुंह के अंदर दांत तक नहीं थे। ऐसा माना जा रहा है कि बेरहमी से पहले चेहरे पर हथियारों से वार किए गए, इसके बाद चेहरे को पत्थर से मारकर खराब कर दिया, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस ने इसे लेकर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मृतक छह दिन से लापता था।
जानकारी के अनुसार फारूक अहमद मूलरूप से रामबन का रहने वाला था। वह बाग-ए-बाहु क्षेत्र में अपनी पत्नी और 9 महीने की बेटी के साथ किराये के मकान में रह रहा था और ट्रक चालक था। 7 दिसंबर को वह सुबह 10 बजे घर से सब्जी लेने के लिए निकला। लेकिन इसके बाद नहीं लौटा। फारूक की पत्नी का कहना है कि देर रात तक वह इंतजार करती रही। लेकिन वह नहीं आया।
इसके बाद उसने बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन में शिकायत लेकर पहुंची, लेकिन लापता होने की शिकायत दर्ज नहीं हुई। क्योंकि उसके मकान मालिक ने भी उसे घर से निकल जाने को कह दिया। किसी से पैसे उधार लेकर वह रामबन में अपने मायके चली गई। चार दिन बाद फिर से जम्मू आई।
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वहीं फारूक के भाई मोहम्मद यूसुफ का कहना है कि वह फारूक के लापता होने की शिकायत लेकर बाग-ए-बाहु, नरवाल और बठिंडी गए। तीनों ही जगहों पर एक-दूसरे के पास जाने की बात कही गई। लेकिन कहीं पर भी लापता होने की शिकायत दर्ज नहीं हुई। इसके बाद वह डीएसपी से मिले। इसके बाद फारूक के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई।
सोमवार को उन्हें बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन से फोन आया कि फारूक का शव कासिम नगर में झाड़ियों के बीच पड़ा हुआ मिला है। फारूक के चेहरे पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया है। साथ ही उसके मुंह में दांत भी नहीं थे। इससे साफ है कि उसकी हत्या की गई है।
डाक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
फारूक के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया, क्योंकि बेरहमी से उसकी हत्या की गई है। किसी तरह की कमी न रहे, इसलिए डाक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिवार को सौंप दिया गया।
हत्या का केस दर्ज, जांच जारी
चेहरे पर काफी कट लगे हुए हैं। साफ है कि हत्या की गई है। डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है, ताकि हत्या का असली कारण पता चल सके। फिलहाल हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज भी लिया गया है। फिलहाल इसमें कोई सामने नहीं आ रहा।
- सज्जाद सरवर, डीएसपी
गायब होने से एक दिन पहले लिया था कमरा
फारूक अहमद ने बाग-ए-बाहु क्षेत्र में 6 दिसंबर को कमरा किराये पर लिया था, जबकि 7 दिसंबर को वह लापता हो गया। 7 दिसंबर को मकान मालिक ने फारूक की पत्नी से कहा कि वह कमरा खाली कर दे, क्योंकि उसका पति लापता हो गया है। दो दिन तक मकान मालिक की तरफ से खाना भी दिया था।
बठिंडी में गया था भाई के पास
जानकारी के अनुसार फारूक 8 दिसंबर को सुबह बठिंडी में रहने वाले अपने भाई के पास गया था। यहां उसने अपने भाई से पांच हजार रुपये भी लिए। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था।
पांच दिन पहले हत्या होने करने का अंदेशा
शुरूआती जांच में यह सामने आया है कि फारूक की हत्या कम से कम 5 दिन पहले हुई होगी। अंदेशा है कि जिस दिन वह लापता हुआ, उसी दिन हत्या कर दी गई हो।
शेख मोहल्ला की महिलाओं ने देखा शव
सोमवार को सुबह कासिम नगर के शेख मोहल्ला की कुछ महिलाएं जो शौच के लिए गई थीं, उन्होंने नाले के पास उगी झाड़ियों में फारूक के शव को देखा। इसके बाद क्षेत्र के वार्ड पार्षद को इसकी जानकारी दी। वार्ड पार्षद ने इसके बारे में पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
शव मिलने से एक दिन पहले दर्ज हुई शिकायत
जानकारी के अनुसार रविवार को फारूक के लापता होने की शिकायत बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई, जबकि सोमवार को शव बरामद हुआ। वहीं क्राइम ब्रांच, एफएसएल की टीमों ने मौका-ए-वारदात से जांच के जरूरी सबूत जुटाए हैं। मृतक की जेब से तंबाकू के पाउच को छोड़कर कुछ भी नहीं मिला है।
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जानकारी के अनुसार फारूक अहमद मूलरूप से रामबन का रहने वाला था। वह बाग-ए-बाहु क्षेत्र में अपनी पत्नी और 9 महीने की बेटी के साथ किराये के मकान में रह रहा था और ट्रक चालक था। 7 दिसंबर को वह सुबह 10 बजे घर से सब्जी लेने के लिए निकला। लेकिन इसके बाद नहीं लौटा। फारूक की पत्नी का कहना है कि देर रात तक वह इंतजार करती रही। लेकिन वह नहीं आया।
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इसके बाद उसने बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन में शिकायत लेकर पहुंची, लेकिन लापता होने की शिकायत दर्ज नहीं हुई। क्योंकि उसके मकान मालिक ने भी उसे घर से निकल जाने को कह दिया। किसी से पैसे उधार लेकर वह रामबन में अपने मायके चली गई। चार दिन बाद फिर से जम्मू आई।
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वहीं फारूक के भाई मोहम्मद यूसुफ का कहना है कि वह फारूक के लापता होने की शिकायत लेकर बाग-ए-बाहु, नरवाल और बठिंडी गए। तीनों ही जगहों पर एक-दूसरे के पास जाने की बात कही गई। लेकिन कहीं पर भी लापता होने की शिकायत दर्ज नहीं हुई। इसके बाद वह डीएसपी से मिले। इसके बाद फारूक के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई।
सोमवार को उन्हें बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन से फोन आया कि फारूक का शव कासिम नगर में झाड़ियों के बीच पड़ा हुआ मिला है। फारूक के चेहरे पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया है। साथ ही उसके मुंह में दांत भी नहीं थे। इससे साफ है कि उसकी हत्या की गई है।
डाक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
फारूक के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया, क्योंकि बेरहमी से उसकी हत्या की गई है। किसी तरह की कमी न रहे, इसलिए डाक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिवार को सौंप दिया गया।
हत्या का केस दर्ज, जांच जारी
चेहरे पर काफी कट लगे हुए हैं। साफ है कि हत्या की गई है। डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है, ताकि हत्या का असली कारण पता चल सके। फिलहाल हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज भी लिया गया है। फिलहाल इसमें कोई सामने नहीं आ रहा।
- सज्जाद सरवर, डीएसपी
गायब होने से एक दिन पहले लिया था कमरा
फारूक अहमद ने बाग-ए-बाहु क्षेत्र में 6 दिसंबर को कमरा किराये पर लिया था, जबकि 7 दिसंबर को वह लापता हो गया। 7 दिसंबर को मकान मालिक ने फारूक की पत्नी से कहा कि वह कमरा खाली कर दे, क्योंकि उसका पति लापता हो गया है। दो दिन तक मकान मालिक की तरफ से खाना भी दिया था।
बठिंडी में गया था भाई के पास
जानकारी के अनुसार फारूक 8 दिसंबर को सुबह बठिंडी में रहने वाले अपने भाई के पास गया था। यहां उसने अपने भाई से पांच हजार रुपये भी लिए। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था।
पांच दिन पहले हत्या होने करने का अंदेशा
शुरूआती जांच में यह सामने आया है कि फारूक की हत्या कम से कम 5 दिन पहले हुई होगी। अंदेशा है कि जिस दिन वह लापता हुआ, उसी दिन हत्या कर दी गई हो।
शेख मोहल्ला की महिलाओं ने देखा शव
सोमवार को सुबह कासिम नगर के शेख मोहल्ला की कुछ महिलाएं जो शौच के लिए गई थीं, उन्होंने नाले के पास उगी झाड़ियों में फारूक के शव को देखा। इसके बाद क्षेत्र के वार्ड पार्षद को इसकी जानकारी दी। वार्ड पार्षद ने इसके बारे में पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
शव मिलने से एक दिन पहले दर्ज हुई शिकायत
जानकारी के अनुसार रविवार को फारूक के लापता होने की शिकायत बाग-ए-बाहु पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई, जबकि सोमवार को शव बरामद हुआ। वहीं क्राइम ब्रांच, एफएसएल की टीमों ने मौका-ए-वारदात से जांच के जरूरी सबूत जुटाए हैं। मृतक की जेब से तंबाकू के पाउच को छोड़कर कुछ भी नहीं मिला है।