मुगल बादशाह औरंगजेब भी पहुंचा था अमरनाथ गुफा तक, 1663 में की थी यात्रा
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मुगल बादशाह औरंगजेब भी अमरनाथ गुफा तक पहुंचा था। बादशाह ने 1663 में कश्मीर यात्रा की थी। यात्रा के दौरान उनकेसाथ फ्रेंच फिजिशियन फ्रांसिस बर्नर भी थे। बर्नर ने अपनी किताब ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एंपायर’ (1656-1668) में कश्मीर में घूमे स्थलों का जिक्र किया है। इसी दौरान संगसफेद (सफेद पत्थर) गुफा का जिक्र भी आया है, जिसे अमरनाथ गुफा माना गया।
किताब की पेज संख्या 419 में इस बाबत जिक्र किया गया है। यह किताब आन लाइन भी उपलब्ध है। किताब के अंग्रेजी अनुवाद के द्वितीय संस्करण के संपादक विंसेंट ए स्मिथ ने इसे किताब के परिचय में साफ भी किया है। उन्होंने लिखा कि फ्रांसिस का ‘संगसफेद गुफा’ से मतलब निश्चित रूप से अमरनाथ गुफा से है। इसे वह परिचय में साफ भी करते हैं। उनके मुताबिक गुफा के फर्श पर इसकी छत से टपके पानी के चलते चूना जमा है। गुफा में बर्फ केब्लाक हैं, बहुत से हिंदू शिव का प्रतिरूप मान इनकी पूजा करते हैं। बता दें कि मुगल बादशाह औरंगजेब, जो 1618 में पैदा हुए थे, ने 1658 में गद्दी संभाली थी। 1707 में उनकी मौत हो गई थी।
भारी बारिश होती थी, लिहाजा खतरा था
फ्रांसिस बर्नर की इस किताब में संगसफेद गुफा के जिक्र के दौरान वहां होने वाली भारी बारिश और उसकी वजह से पैदा खतरे की भी बात कही गई। हालांकि मुगल बादशाह शाहजहां के पुत्र औरंगजेब की यात्रा का जिक्र वर्ष के उल्लेख के साथ है।
1930 का वीडियो पहले ही वायरल
अमरनाथ गुफा के पौराणिक महत्व के चलते यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है। गुफा से जुड़ा 1930 की यात्रा एक वीडियो पहले से वायरल हो रहा है। इसमें यात्रियों के शिविर के जम्मू तक में लगाए जाने का जिक्र है। वीडियो में ही अमरनाथ यात्रा जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या चौदह हजार बताई गई है।