CM ने की बाढ़ के खतरे की समीक्षा, रेड अलर्ट
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बाढ़ की आहट के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने हालात की समीक्षा की है। वह श्रीनगर पहुंच चुके हैं और लगातार हालत पर नजर रखे हुए हैं। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने शाम 6 बजे विधानसभा को यह जानकारी दी। बाढ़ के खतरे के बारे में डिप्टी सीएम ने दो बार सदन को ताजा स्थिति से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि झेलम के मिलन बिन्दु संगम में जल स्तर 15 फीट है। इस बिन्दु पर खतरे का निशान 18 फीट पर है। इसी तरह राम मुंशीबाग में खतरे के निशान 16 फीट की तुलना में पानी का स्तर अभी 14.5 फीट है। आशाम प्वाइंट पर खतरे का निशान 30 फीट पर है जबकि जल स्तर अभी 9 फीट है।
डिप्टी सीएम ने सदन को बताया कि मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा के बाद उत्तरी, दक्षिणी और सेंट्रल कश्मीर ने कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। सभी एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। श्रीनगर के जलजमाव वाले इलाकों में नगर निगम के 76 पंपों से पानी निकालने में लगाया गया है।
मुफ्ती बोले, घबराएं नहीं
मुफ्ती ने कहा कि भारी बारिश के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क है। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है लोकिन लोगों को घबराने की कोई जरुरत नहीं है। स्थिति की लगातार मानिटरिंग हो रही है। सदन में सभी दलों के विधायकों ने बाढ़ के खतरे पर चिन्ता जताते हुए सरकार से उत्तर की मांग की थी। मंत्रियों की टीम श्रीनगर में मौजूद है।
इसमें सईद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी, इमरान रजा अंसारी, मोहम्मद अल्ताफ मीर, और आशिया नकास शामिल हैं। मंत्रियों की टीम ने स्थिति की समीक्षा की है। डिविजनल कमिश्नर और आईजी कश्मीर ने उन क्षेत्रों का दौरा किया है जहां पानी का जमाव है। पुलिस हेड क्वार्टर में विशेष नियंत्रण कक्ष काम करा रहा है।
कंट्रोल रूम का नंबर 2452138, 2474040 है। डिविजनल कमिश्नर ने सभी डीसी को अलर्ट कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले साल की बाढ़ ने 300 लोगों की जानें ली थी और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था। लिहाजा इस बार सरकार शुरू से सतर्कता बरत रही है।
221 परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए
बडगाम जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से बनी भयावह स्थिति और लोगों की सुरक्षा को लेकर मियां अल्ताफ अहमद के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने विधानसभा में बताया कि जिले के करीब 221 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के करेवा और आसपास के इलाके भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित लोगों को स्कूल और अन्य सरकारी इमारतों में ठहराया गया है। जिला प्रशासन की ओर से परिवारों को टेंट मुहैया करवाया गया है। प्रत्येक परिवार को दस किलो के करीब फ्री में चावल वितरित किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से लोगों को मूलभूत सुविधायें मुहैया करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
भूस्खलन प्रभावित इलाकों से बाहर निकाले गए लोग चिल्लां चोंटीनार, तिलसारा, चरार ए शरीफ, नीलनाग नगम, वाटकल्लू, लादन, ब्रिंगन, नेगो, हांगु सुरेसर, कुमार मोहल्ला नगम, फ्रेस्वर खानसाहिब, शालीनर खानसाहिब, क्रिस्तवार चडूरा और ब्रानवर गांव के रहने वाले हैं।