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रूबिया अपहरण और एयरफोर्स अधिकारियों के हत्याकांड मामला, कोर्ट ने एक दिन के भीतर मांगी आपत्ति रिपोर्ट
Thu, 07 Mar 2019 01:16 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:16 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी रूबिया सईद
- फोटो : फाइल
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण और पांच एयरफोर्स अधिकारियों की हत्या के मामले को विशेष अदालत में ट्रांसफर किया जाए। यह अपील सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपील की है। इस पर सुनाई करते हुए चीफ जस्टिस हाईकोर्ट गीता मित्तल ने दूसरे पक्ष को एक दिन के अंदर आब्जेक्शन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
1990 के बहुचर्चित राबिया सईद अपहरण केस और पांच एयरफोर्स अधिकारियों की हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। दोनों ही मामलों में यासिन मलिक को मुख्य आरोपी बनाया गया है। मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी है। सीबीआई ने बुधवार को इन मामलों को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर करने की अपील की है। इस पर चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी के पक्ष को एक दिन के अंदर आपत्ति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। अब इस पर अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
यह है रूबिया सईद अपहरण केस
आठ दिसंबर, 1989 को भारत के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रूबिया सईद का बटमालू में हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उसकी रिहाई के बदले आतंकियों को छोड़ने की मांग की गई थी। आतंकियों को छोड़ने के बाद ही अपहरणकर्ताओं ने रूबिया को मुक्त किया था। इस संदर्भ में सदर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में केस दर्ज हुआ था और राज्य सरकार की सिफारिश पर 22 फरवरी, 1990 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 18 सिंतबर, 1990 को सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी, जिसके बाद से मामले में सुनवाई जारी है।
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यह है एयरफोर्स अधिकारियों की हत्याकांड का मामला
राबिया अपहरण केस के बाद सदर पुलिस स्टेशन में कुछ ही महीने बाद एक और बड़ा केस दर्ज हुआ। 25 जनवरी, 1990 को सुबह साढ़े सात बजे एयरफोर्स के 40 अधिकारियों पर संतनगर क्रॉसिंग पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला समेत 40 अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसमें से दो की मौके पर मौत हो गई, वहीं अन्य तीन की बादामी बाग हॉस्पिटल श्रीनगर में मौत हो गई। इस मामले की जांच भी बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने इस केस में 31 अगस्त, 1990 को हाईकोर्ट में चार्ज सीट दायर की। फिलहाल इस मामले में सुनवाई जारी है। सीबीआई ने कोर्ट में अपनी एप्लीकेशन में कहा है कि इस मामले का मुख्य आरोपी यासिन मलिक यहां केस को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सीबीआई ने अपनी विशेष अदालत में ट्रांसफर करने की अपील की है।
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1990 के बहुचर्चित राबिया सईद अपहरण केस और पांच एयरफोर्स अधिकारियों की हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। दोनों ही मामलों में यासिन मलिक को मुख्य आरोपी बनाया गया है। मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी है। सीबीआई ने बुधवार को इन मामलों को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर करने की अपील की है। इस पर चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी के पक्ष को एक दिन के अंदर आपत्ति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। अब इस पर अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
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यह है रूबिया सईद अपहरण केस
आठ दिसंबर, 1989 को भारत के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रूबिया सईद का बटमालू में हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उसकी रिहाई के बदले आतंकियों को छोड़ने की मांग की गई थी। आतंकियों को छोड़ने के बाद ही अपहरणकर्ताओं ने रूबिया को मुक्त किया था। इस संदर्भ में सदर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में केस दर्ज हुआ था और राज्य सरकार की सिफारिश पर 22 फरवरी, 1990 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 18 सिंतबर, 1990 को सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी, जिसके बाद से मामले में सुनवाई जारी है।
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यह है एयरफोर्स अधिकारियों की हत्याकांड का मामला
राबिया अपहरण केस के बाद सदर पुलिस स्टेशन में कुछ ही महीने बाद एक और बड़ा केस दर्ज हुआ। 25 जनवरी, 1990 को सुबह साढ़े सात बजे एयरफोर्स के 40 अधिकारियों पर संतनगर क्रॉसिंग पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला समेत 40 अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसमें से दो की मौके पर मौत हो गई, वहीं अन्य तीन की बादामी बाग हॉस्पिटल श्रीनगर में मौत हो गई। इस मामले की जांच भी बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने इस केस में 31 अगस्त, 1990 को हाईकोर्ट में चार्ज सीट दायर की। फिलहाल इस मामले में सुनवाई जारी है। सीबीआई ने कोर्ट में अपनी एप्लीकेशन में कहा है कि इस मामले का मुख्य आरोपी यासिन मलिक यहां केस को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सीबीआई ने अपनी विशेष अदालत में ट्रांसफर करने की अपील की है।