फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   More than 150 separatists and stone Pelters arrested in Kashmir Valley

कश्मीर घाटी में अलगाववादियों व पत्थरबाजों पर शिकंजा, 150 से अधिक गिरफ्तार

Sat, 23 Feb 2019 11:53 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sat, 23 Feb 2019 11:53 PM IST
विज्ञापन
More than 150 separatists and stone Pelters arrested in Kashmir Valley
सांकेतिक तस्वीर

जम्मू रियासत में शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों ने छापेमारी कर 150 से अधिक अलगाववादियों और पत्थरबाजों को हिरासत में लिया है। इनमें ज्यादातर जमात-ए-इस्लामी से जुड़े हुए हैं। जमात-ए-इस्लामी के राज्य प्रमुख अब्दुल हमीद फयाज भी पकड़े गए हैं। उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 35-ए पर 26 फरवरी से शुरू हो रही सुनवाई से पहले घाटी में व्याप्त तनाव के मद्देनजर यह धरपकड़ की गई है। हालांकि, पुलिस ने इसे नियमित प्रक्रिया बताते हुए कहा कि कुछ नेताओं और पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है। 

विज्ञापन


जमात-ए-इस्लामी ने दावा किया है कि शुक्रवार की रात पुलिस और अन्य एजेंसियों ने घाटी में कई स्थानों पर छापेमारी कर व्यापक गिरफ्तारी अभियान चलाया। इसमें उसके केंद्रीय और जिला स्तर के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया जिसमें अमीर (प्रमुख) डॉ. अब्दुल हमीद फयाज और वकील जाहिद अली (प्रवक्ता) शामिल हैं। जमात ने लोगों को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में और अनिश्चितता की राह प्रशस्त करने के लिए भली-भांति रची गई साजिश का हिस्सा है। 
विज्ञापन


इसके अलावा पुलिस ने शुक्रवार रात जेकेएलएफ  प्रमुख यासीन मलिक को भी गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया था। पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक काफि ले पर एक आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के आठ दिनों बाद यह कार्रवाई की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जमात पर पहली बार बड़ी कार्रवाई
बताते हैं कि जमात-ए-इस्लामी पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है। संगठन पूर्व में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की राजनीतिक शाखा के तौर पर काम करता था। हालांकि, उसने हमेशा खुद को एक सामाजिक और धार्मिक संगठन बताया। 

व्यक्ति को हिरासत में रख सकते हैं विचारों को नहीं: महबूबा
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी के नेताओं पर छापेमारी की वैधता पर सवाल उठाया है। कहा कि मनमाने कदम से राज्य में मामला जटिल ही होगा। आप एक व्यक्ति को हिरासत में रख सकते हैं लेकिन उनके विचारों को नहीं। वे शुक्रवार रात में अलगाववादियों और जमात-ए-इस्लामी पर हुई सरकारी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थी।

महबूबा ने ट्वीट किया कि पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इस तरह की मनमानी कार्रवाई को समझ नहीं पा रही हैं। इससे जम्मू कश्मीर में केवल हालात जटिल ही होंगे। उन्होंने कहा कि किसी कानूनी आधार पर उनकी गिरफ्तारी न्यायोचित ठहराई जा सकती है। केंद्र ने अर्द्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों को बिना कोई कारण बताए कश्मीर रवाना किया है।

बल प्रयोग और डराने से स्थिति और खराब ही होगी: मीरवाइज
श्रीनगर। हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फ ारूक ने जेकेएलएफ  प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में लेने और जमात-ए-इस्लामी के नेताओं पर छापेमारी और गिरफ्तारी की निंदा की। कहा कि बल प्रयोग और डराने से स्थिति केवल खराब ही होगी। ट्वीट किया कि जमात-ए-इस्लामी नेतृत्व और इसके कार्यकर्ताओं पर रात में हुई कार्रवाई और यासीन मलिक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं। कश्मीरियों के खिलाफ  इस तरह के गैरकानूनी और कठोर उपाय निरर्थक हैं। इससे जमीन पर वास्तविकताएं नहीं बदलेंगी।

हालात और बिगड़ेंगे : सज्जाद
पीपुल्स कांफ्रेंस अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी इस पर सवाल उठाते हुए ट्वीट में लिखा कि सरकार गिरफ्तारी पर लगी हुई है। यह सिर्फ  चेतावनी का एक संकेत है। 1990 में भी बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं। नेताओं को जोधपुर और देश की कई जेलों में भेज दिया गया था। हालात बिगड़ गए। यह एक आजमाया हुआ और विफ ल मॉडल है। कृपया इससे दूर रहें। यह काम नहीं करेगा। हालात बिगड़ेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed