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मोदी ने पूरा किया वादा, कश्मीरी पंडितों को दिया ये तोहफा

Fri, 22 May 2015 12:45 AM IST
Updated Fri, 22 May 2015 12:45 AM IST
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modi fulfilled his promise with migrant kashmiri pandits

विस्थापित कश्मीरी पंडितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें हर महीने मिलने वाली नकद राहत राशि में इजाफा किया है। अब विस्थापित परिवार को प्रत्येक महीने 6600 रुपये के स्थान पर 10 हजार रुपये मिलेंगे। घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए टाउनशिप बनाने में असफल रहने के बाद केंद्र का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

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लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने कश्मीरी पंडितों को मिलने वाली नकद राहत राशि बढ़ाने का वादा किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय (जम्मू-कश्मीर मामले विभाग) ने एक मई 2015 को राज्य सरकार को लिखे पत्र (12013/3/2012 केवी) में कहा कि इस मद में होने वाले खर्च में हुई वृद्धि को राज्य सरकार देगी और बाद में इसकी भरपाई केंद्र सरकार सुरक्षा संबंधी खर्च में जोड़कर करेगी।
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इस संबंध में राज्य सरकार के प्रधान सचिव (राहत एवं पुनर्वास) बीआर शर्मा ने जारी आदेश (84 आरईबी/आरएआर/एमआर 2015) में कहा कि पूर्व में विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार को प्रत्येक सदस्य 1650 रुपये (चार या उससे अधिक सदस्य) नकद राहत राशि (सीलिंग अधिकतम 6600 रुपये) मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 2500 रुपये प्रति सदस्य (अधिकतम 10 हजार रुपये) कर दी गई है।
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इस तरह प्रत्येक कश्मीरी पंडित परिवार की नकद राहत में 3400 रुपये की वृद्धि की गई है। बढ़ी राशि एक मई 2015 से लागू होगी।

कांग्रेस सरकार ने खारिज किया था प्रस्ताव

modi fulfilled his promise with migrant kashmiri pandits

पंडितों को मदद बढ़ाने का प्रस्ताव 2012 में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए-2 सरकार को भेजा था। लेकिन, उस पर मंजूरी नहीं मिल पाई थी।

नई सरकार ने इस प्रस्ताव को एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास भेजा, जिस पर पीएम ने खुद दिलचस्पी दिखाते हुए इसे वाजिब बताया।

सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2014-15 में कश्मीरी पंडितों के राशन और रहने की व्यवस्था के अलावा 127.28 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस वृद्धि के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में इस मद की राशि में भी बढ़ोतरी होगी।

कहां कितने कश्मीरी पंडित विस्थापित

साल 1989-90 में कश्मीर में आतंकवाद चरम पर पहुंचने के चलते घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन हो गया। कश्मीरी पंडित विस्थापित होकर जम्मू के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में तब से विस्थापन की जिंदगी गुजार रहे हैं।

इनमें से 41117 परिवार जम्मू में पंजीकृत हैं। जबकि 21333 विस्थापित परिवार देश के 12 राज्यों में रह रहे हैं। दिल्ली में 19338 विस्थापित परिवार, हिमाचल प्रदेश में 11, चंडीगढ़ में 114, पंजाब में 319, यूपी में 222, उत्तरांचल में 57, मध्य प्रदेश में 43, तामिलनाडु में एक विस्थापित परिवार रह रहा है।

कर्नाटक में 38, महाराष्ट्र में 208 और राजस्थान में 58 विस्थापित परिवार पंजीकृत हैं।

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