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भूकंप में इमारतों पर चढ़ने और उतरने के बताए तरीके
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डोडा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और यू टीडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से की गई मॉक ड्र?
- फोटो : UDHAMPUR
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डोडा। पुलिस लाइन डोडा के मैदान में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एनडीआरएफ और टीडीआरएफ ने संयुक्त रुप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अवसर पर उपायुक्त विकास शर्मा और एसएसपी अब्दुल क्यूम मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे।
भूकंप के लिहाज से जिला डोडा अति संवेदनशील है। यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके लिए एनडीआरएफ और टीडीआरएफ की 29 सदस्यीय टीम डोडा पहुंची, और सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस जवानों की मौजूदगी में भूकंप आने पर बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी।
टीम के प्रमुख ने बताया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों को सबसे पहले खुली जगहों की ओर दौड़ना चाहिए। अगर कोई जगह इमारतों से भरी हुई है तो वहां से दूरी बनाने की कोशिश करें। और, जब तक भूकंप के झटके बंद न हों, तब तक खुली जगह में ही रहें। पुलिस के जवानों को बताया गया कि भूकंप प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उन्हें विशेष कदम उठाने होंगे। उन्हें घायलों को फौरन चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर भूकंप दूरदराज इलाकों में आता है तो लोगों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था के साथ चिकित्सा शिविरों में ले जाना सुनिश्चित करें। साथ ही टीम ने इमारतों पर सावधानीपूर्वक चढ़ने और उतरने का प्रदर्शन भी किया।
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भूकंप के लिहाज से जिला डोडा अति संवेदनशील है। यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके लिए एनडीआरएफ और टीडीआरएफ की 29 सदस्यीय टीम डोडा पहुंची, और सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस जवानों की मौजूदगी में भूकंप आने पर बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी।
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टीम के प्रमुख ने बताया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों को सबसे पहले खुली जगहों की ओर दौड़ना चाहिए। अगर कोई जगह इमारतों से भरी हुई है तो वहां से दूरी बनाने की कोशिश करें। और, जब तक भूकंप के झटके बंद न हों, तब तक खुली जगह में ही रहें। पुलिस के जवानों को बताया गया कि भूकंप प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उन्हें विशेष कदम उठाने होंगे। उन्हें घायलों को फौरन चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर भूकंप दूरदराज इलाकों में आता है तो लोगों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था के साथ चिकित्सा शिविरों में ले जाना सुनिश्चित करें। साथ ही टीम ने इमारतों पर सावधानीपूर्वक चढ़ने और उतरने का प्रदर्शन भी किया।

डोडा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और यू टीडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से की गई मॉक ड्र?- फोटो : UDHAMPUR
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