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पाबंदियों के एक महीने बाद कश्मीर घाटी में आधी रात को बजी फोन की घंटियां, मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं बहाल

Thu, 05 Sep 2019 01:07 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Sep 2019 01:07 PM IST
सार

  • कश्मीर के एक बड़े इलाके में लैंड लाइन सेवा भी बहाल कर दी गई है
  • दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग,कुपवाड़ा, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिलों में मोबाइल फोन की घंटियां बज रही हैं
  • एक दिन पहले तक घाटी में 95 टेलीफोन एक्सचेंजों में से 76 में लैंडलाइन सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं

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Jammu And Kashmir News: Mobile bells rang in the valley at midnight after one month

विस्तार

एक माह बाद बुधवार आधी रात को घाटी के कुछ जिलों में मोबाइल की घंटियां बज उठीं। जबकि कश्मीर के एक बड़े इलाके में लैंड लाइन सेवा भी बहाल कर दी गई है।

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जिलाधिकारी शाहिद चौधरी ने संचार सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, घाटी के ज्यादातर टेलीफोन एक्सचेंज बुधवार रात से ही काम करना शुरू कर देंगे। इसी तरह से मोबाइल सेवाओं को भी बहाल कर दिया जाएगा।
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इसबीच दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग,कुपवाड़ा, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिलों में मोबाइल फोन की घंटियां बज रही हैं। जबकि एक दिन पहले तक घाटी में 95 टेलीफोन एक्सचेंजों में से 76 में लैंडलाइन सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं। 
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गौरतलब है कि पिछले महीने पांच अगस्त को केंद्र की ओर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद से घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।
 

पथराव में घायल युवकी की मौत

Jammu And Kashmir News: Mobile bells rang in the valley at midnight after one month
सुरक्षाबलों के साथ पिछले माह हुई झड़प में घायल एक प्रदर्शनकारी की बुधवार की सुबह स्थानीय अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद सिविल लाइंस समेत शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

समझा जाता है कि पाबंदियां एहतियातन लगाई गई हैं। प्रशासन जल्द ही इन्हें हटा लेगा, क्योंकि श्रीनगर समेत घाटी के अन्य इलाकों में सामान्य हो रहे माहौल को बनाए रखने के लिए ऐसा जरूरी माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, पांच अगस्त को राज्य से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने और जम्मू-कशमीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की घोषणा के विरोध में छह अगस्त को श्रीनगर के बाहरी इलाके सौरा में एक प्रदर्शन हुआ था।

इसमें सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए थे। घायलों में असरार अहमद खान (18) भी शामिल था। उसका इलाज सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ  मेडिकल साइंसेज में चल रहा था। लगभग एक महीने तक इलाज के बाद उसकी बुधवार तड़के मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक सबूतों से पता चला कि चोट संभवत: पत्थर लगने से हो सकती है।
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