{"_id":"57b552964f1c1bda786ec5fe","slug":"military-personnel-increased-conflict","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैन्य कर्मियों में बढ़े आपसी झगड़े, मामूली विवाद में हो रही हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैन्य कर्मियों में बढ़े आपसी झगड़े, मामूली विवाद में हो रही हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:51 AM IST
विज्ञापन
बंदूक
- फोटो : Demo Pic.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में आतंकवाद से एक तरफ जवान लोहा ले रहे हैं, वहीं जम्मू संभाग में मामूली विवाद पर सैन्य कर्मी अपने साथियों से ही झगड़ा कर भिड़ रहे हैं। पिछले एक महीने में ऐसी तीन घटनाएं हुई हैं, जिसमें सेना के एक कर्मी की मौत हो गई।
पिछले महीने पहले परगवाल में ही बीएसएफ के कर्मी ने अपने एक साथी को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल करने के बाद आरोपी कर्मी सर्विस हथियार भी अपने साथ ले गया। कई दिनों बाद उसे पंजाब से पकड़ा गया।
इस मामले में पुलिस जांच चल रही है। आरएस पुरा में भी सुरक्षा बल के कर्मियों के बीच दो दिन पहले मारपीट की घटना हुई, जबकि राजोरी में सेना के एक कर्मी ने अपने ही साथी को मार गिराया। ऐसी घटनाओं के कारण वर्दी शर्मसार हो रही है।
विज्ञापन
सैन्य कर्मियों के बीच आपसी झगड़ों में पिछले कुछ सालों से कमी आई थी। एक महीने में इन तीन घटनाओं में पुलिस जांच भी धीमी चल रही है। आईजीपी दानिश राना के अनुसार सैन्य छावनियों के बीच हुए विवाद या झगड़े की जांच में समय लगता है। पूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद शिविर में जाकर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पिछले महीने पहले परगवाल में ही बीएसएफ के कर्मी ने अपने एक साथी को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल करने के बाद आरोपी कर्मी सर्विस हथियार भी अपने साथ ले गया। कई दिनों बाद उसे पंजाब से पकड़ा गया।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस जांच चल रही है। आरएस पुरा में भी सुरक्षा बल के कर्मियों के बीच दो दिन पहले मारपीट की घटना हुई, जबकि राजोरी में सेना के एक कर्मी ने अपने ही साथी को मार गिराया। ऐसी घटनाओं के कारण वर्दी शर्मसार हो रही है।
विज्ञापन
सैन्य कर्मियों के बीच आपसी झगड़ों में पिछले कुछ सालों से कमी आई थी। एक महीने में इन तीन घटनाओं में पुलिस जांच भी धीमी चल रही है। आईजीपी दानिश राना के अनुसार सैन्य छावनियों के बीच हुए विवाद या झगड़े की जांच में समय लगता है। पूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद शिविर में जाकर जांच की जा रही है।