कश्मीर में आतंकियों की नापाक साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन घाटी में आतंक फैलाने के लिए कश्मीर में भर्ती करने की नापाक साजिश रच रहा है। इसके लिए हवाला का पैसा इस्तेमाल करने की भी योजना है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को चेताया है कि आने वाले दिनों में आतंकी संगठन कश्मीर में अधिक अग्रेसिव होंगे। हिजबुल कश्मीर के युवाओं को भर्ती करना चाहता है।
आतंकियों की यह नई योजना सीमा पर घुसपैठ में मिली नाकामी है। इस साल अब तक सिर्फ दस बार आतंकी घुसपैठ में कामयाब हुए हैं।
पाकिस्तान में एलओसी और आईबी के लांचिंग पैड से आतंकियों ने यह घुसपैठ की, जबकि पिछले साल 2014 में 55 बार आतंकियों ने घुसपैठ की।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि एलओसी पर आतंकी घुसपैठ करने में काफी हद तक विफल साबित हुए हैं। एक समय घाटी में 500 से 800 आतंकी सक्रिय थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 200 के आसपास है। अब कश्मीर में बर्फबारी होने वाली है। इससे आतंकियों के घुसपैठ के रास्ते बंद हो जाएंगे।
युवाओं को बना रहे आतंकवादी
ऐसे में आतंकी संगठन कश्मीर के स्थानीय युवाओं को आतंकी बनाकर अपने नापाक मंसूबों को कामयाब बनाना चाहते हैं। खुफिया एजेंसियों ने यह भी चेताया है कि कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और प्रदर्शनों के लिए हवाला राशि का इस्तेमाल करने की कोशिश है।
ऐसे में केंद्र ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट को सक्रिय कर दिया है। कुछ समय पहले घाटी में हुर्रियत नेता के पास से हवाला राशि पकड़ी गई थी। वर्ष 2015 में 30 सितंबर तक 65 बार आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की। 2014 में 125 बार घुसपैठ की कोशिश हुई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं है कि आतंकियों की घुसपैठ कम हुई, लेकिन यह भी सच है कि घाटी में आतंकी गतिविधियों और माहौल बिगाड़ने के लिए हवाला का इस्तेमाल कर स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश है।