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अमरनाथ यात्रा से पहले अनंतनाग में बढ़े आतंकी हमले, एक हफ्ते में हो चुकी हैं सात शहादतें
Thu, 20 Jun 2019 02:09 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 20 Jun 2019 02:09 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में बेशक पुलिस और सरकार यह दावा करे कि अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं होगी। यात्रियों का आतंकी बाल भी बांका नहीं कर सकेंगे। लेकिन जिस तरह से अमरनाथ यात्रा से पहले कश्मीर में आतंकी हमले बढ़े हैं, उससे यात्रा की सुरक्षा पर चिंता और सवाल स्वाभाविक है। खासकर अनंतनाग में आतंकी सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं, जहां से अमरनाथ यात्रा दोनों रूट के लिए डायवर्ट होती है।
एक सप्ताह पहले आतंकी हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो दिन पहले भी अनंतनाग के बिजबिहाड़ा में सेना के मेजर और जवान शहीद हो गए। अनंतनाग में हमले साजिश के तहत हो रहे, ताकि यात्रा को बाधित किया जा सके। गौरतलब है कि अनंतनाग अमरनाथ यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट है। यहीं से पहलगाम रूट शुरू हो जाता है, जबकि बालटाल रूट के लिए अनंतनाग से श्रीनगर की तरफ काफिला बढ़ता है।
अनंतनाग में बड़े स्तर पर पत्थरबाज सक्रिय हैं। सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की भरमार है। शायद इसी का लाभ उठाकर आतंकी हमले के बाद भाग भी जाते हैं। जब अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला हुआ था, तब भी आतंकी हमला कर फरार हो गए थे। अब सीआरपीएफ सेना पर हमला किया गया है।
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...लेकिन असर तो पड़ रहा
सीआरपीएफ जवानों पर हमले के बाद डीजीपी दिलबाग सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है। आतंकियों से लड़ाई निरंतर जारी है। आतंकी हमलों का अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मगर असर तो पड़ रहा है। अनंतनाग में हमला हुआ और सेना का जवान और मेजर आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए।
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एक सप्ताह पहले आतंकी हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो दिन पहले भी अनंतनाग के बिजबिहाड़ा में सेना के मेजर और जवान शहीद हो गए। अनंतनाग में हमले साजिश के तहत हो रहे, ताकि यात्रा को बाधित किया जा सके। गौरतलब है कि अनंतनाग अमरनाथ यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट है। यहीं से पहलगाम रूट शुरू हो जाता है, जबकि बालटाल रूट के लिए अनंतनाग से श्रीनगर की तरफ काफिला बढ़ता है।
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अनंतनाग में बड़े स्तर पर पत्थरबाज सक्रिय हैं। सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की भरमार है। शायद इसी का लाभ उठाकर आतंकी हमले के बाद भाग भी जाते हैं। जब अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला हुआ था, तब भी आतंकी हमला कर फरार हो गए थे। अब सीआरपीएफ सेना पर हमला किया गया है।
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सीआरपीएफ जवानों पर हमले के बाद डीजीपी दिलबाग सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है। आतंकियों से लड़ाई निरंतर जारी है। आतंकी हमलों का अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मगर असर तो पड़ रहा है। अनंतनाग में हमला हुआ और सेना का जवान और मेजर आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए।