अमरनाथ यात्रा शुरू होने के 18 दिन पहले हुआ अनंतनाग में सुरक्षाबलों पर हमला, अलर्ट पर एजेंसियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरनाथ यात्रा से 18 दिन पहले आतंकी हमला दहशत फैलाकर यात्रा को प्रभावित करने की साजिश है। जिस तरह अमरनाथ यात्रा के दौरान चौकस सुरक्षा के बीच हमला हुआ, उससे जाहिर है कि आतंकी बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर फायरिंग की, इसकी चपेट में आम लोग भी आये। पुलवामा के बाद सुरक्षाबलों पर ये बड़ा हमला है। बुधवार को ही राज्यपाल ने मजबूत सुरक्षा का दावा किया था।
हमले का मकसद डर पैदा करना
आतंकी हमले का मकसद अमरनाथ यात्रियों में डर पैदा करना है। साथ ही सुरक्षाबलों द्वारा की गई तैयारियों को चुनौती देना है। अब सुरक्षाबलों को यात्रा के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी। ये हमला खन्नाबल -पहलगाम मार्ग पर हुआ। यही अमरनाथ यात्रा का पारंपरिक मार्ग है। पहलगाम में यात्रा का पहला पड़ाव होेता है।
हमले के पीछे कौन
हमले की जिम्मेदारी अल उमर मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन ने ली है। यह आतंकी संगठन एक साल से निष्क्रिय था, इसे देखते हुए समझा जा रहा है कि हमले के पीछे जैश का हाथ हो सकता है। अब हमले के बाद सुरक्षाबलों की ओर से सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। दक्षिण कश्मीर आतंकियों का गढ़ रहा है। हर बार अमरनाथ यात्रा में खलल डालने का प्रयास आतंकियों की ओर से किया जाता है।
खासकर अनंतनाग और पहलगाम से अमरनाथ यात्री गुजरते हैं। पिछले कुछ समय से सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। रमजान से लेकर अब तक 40 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। अब एक साल से निष्क्रिय चल रहे आतंकी संगठन ने सीआरपीएफ गश्ती दल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। यात्रा से ठीक पहले हमला होने से सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई है। 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। तैयारियां जोरों पर चल रही है।
112 आतंकी मारे जा चुके अब तक
जैश ए मोहम्मद के अभी तक 112 आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। ये आतंकवादी अलग-अलग जगहों में आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुके थे। सुरक्षाबलों के शिविरों में भी हमले में आतंकियों का हाथ रहा है।
पिछले साल यात्रियों पर हुआ था हमला
10 जुलाई 2017 को लश्कर के कमांडर अबू इस्माइल ने अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक रूट पर श्रद्धालुओं की बस पर हमला किया था। इसमें आठ यात्री की मौत हो गई थी जबकि 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसमें लश्कर के आतंकी यावर वसीद, फुलकान और अब माविया शामिल थे। इन्हें बाद में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था।