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बराबरी पर छूटी 18 हजार रुपये की बड़ी माली
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दोमाना। कोरोना के चलते दो साल बाद रति छप्पड़ी मेला धूूमधाम से आयोजित किया गया। इसका आयोजन पंचायत बरन के रति छप्पड़ी गांव में कुलदेवता स्थान पर हुआ। इसका शुभारंभ भाजपा के सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रदेश सह प्रभारी बाबा चंचल की अध्यक्षता में उनकी माता ने किया। मेले में दंगल सहित पशु मंडी का भी आयोजन किया गया।
दंगल में 18 हजार की बड़ी और 51 सौ रुपये की छोटी माली का मुकाबला आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी माली का मुकाबला भलवाल के पहलवान रवि और चट्ठा के कृष्ण के बीच हुआ, जो बराबरी पर छूटा है। छोटी माली का मुकाबला रति छप्पड़ी के प्यार सिंह पहलवान और चट्ठा के मुश्ताक अहमद के बीच हुआ, जिसे प्यार सिंह ने अपने नाम किया है।
मेले में घोड़ियाें का नृत्य भी करवाया गया, जिसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया है। बाबा चंचल ने बताया कि मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने लोगों से बच्चों को नशे से दूर रखने और पूजा-पाठ करवाने व जानकारी देने की अपील की है ताकि वह सनातन धर्म के इतिहास को जान संके। मेले में लोगों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया था। इस दौरान लोगों ने कुलदेवता के दरबार में हाजिरी लगा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर सरपंच बरन सौदागर सिंह, जनकराज, मदन कालरी, गुटी फौजी, मोनू, रमेश कुमार और अजय आदि मौजूद रहे।
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75 हजार की भैंस, 28 हजार की बिकी गाय
मेले में पशु मंडी भी लगाई गई थी। इसमें 15 भैंसें और सात गाय बिक्री के लिए लाई गई थीं। लेकिन शाम तक मात्र एक भैंस और एक गाय ही बिकी है। भैंस 75 हजार और गाय 28 हजार में लोगों ने खरीदी हैं।
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दंगल में 18 हजार की बड़ी और 51 सौ रुपये की छोटी माली का मुकाबला आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी माली का मुकाबला भलवाल के पहलवान रवि और चट्ठा के कृष्ण के बीच हुआ, जो बराबरी पर छूटा है। छोटी माली का मुकाबला रति छप्पड़ी के प्यार सिंह पहलवान और चट्ठा के मुश्ताक अहमद के बीच हुआ, जिसे प्यार सिंह ने अपने नाम किया है।
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मेले में घोड़ियाें का नृत्य भी करवाया गया, जिसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया है। बाबा चंचल ने बताया कि मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने लोगों से बच्चों को नशे से दूर रखने और पूजा-पाठ करवाने व जानकारी देने की अपील की है ताकि वह सनातन धर्म के इतिहास को जान संके। मेले में लोगों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया था। इस दौरान लोगों ने कुलदेवता के दरबार में हाजिरी लगा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर सरपंच बरन सौदागर सिंह, जनकराज, मदन कालरी, गुटी फौजी, मोनू, रमेश कुमार और अजय आदि मौजूद रहे।
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75 हजार की भैंस, 28 हजार की बिकी गाय
मेले में पशु मंडी भी लगाई गई थी। इसमें 15 भैंसें और सात गाय बिक्री के लिए लाई गई थीं। लेकिन शाम तक मात्र एक भैंस और एक गाय ही बिकी है। भैंस 75 हजार और गाय 28 हजार में लोगों ने खरीदी हैं।