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हम आपस में लड़ना छोड़ें तब खत्म होगी भारत-पाक की दुश्मनी : महबूबा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:40 PM IST
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कार्यक्रम में मौजूद महबूबा मुफ्ती व अन्य
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि रियासत की अवाम यदि आपस के झगड़े छोड़ दे तो भारत और पाकिस्तान दुश्मनी खत्म करने को मजबूर हो जाएंगे। सबसे अहम है रियासत में अमन का माहौल तैयार करना, जिसके लिए हमें अपने गिले शिकवे भुलाकर एकजुट होना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पहली पुण्यतिथि पर जम्मू और श्रीनगर में कार्यक्रम आयोजित हुए। श्रीनगर के कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताआें से मुखातिब महबूबा ने कहा, दो मुल्काें की दुश्मनी का खामियाजा रियासत ने भुगता है।
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बुरे दौर में हैं, लेकिन हम एकजुट हो जाएं तो यह बुरा दौर ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा। हमें आपस में बातचीत शुरू करनी होगी। हमारे लोग आपस में ही लड़ रहे हैं।
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महबूबा ने कहा, भारत और पाकिस्तान का जीना मरना साथ-साथ है। हमें ही ऐसा माहौल बनाना होगा जब दोनाें मुल्क इस रिश्ते को हकीकत बनाने को मजबूर हो जाएं। अपने पिता का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, मुफ्ती साहब हमेशा रियासत को ऐसे दलदल से बाहर निकालना चाहते थे। क्योंकि इसके बिना तरक्की मुमकिन नहीं है। इसी वजह से वे सियासी प्रक्रिया और तरक्की को साथ लेकर चलना चाहते थे। राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार अमन के इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाना चाहती है।
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पहली पुण्यतिथि पर जम्मू और श्रीनगर में कार्यक्रम आयोजित हुए। श्रीनगर के कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताआें से मुखातिब महबूबा ने कहा, दो मुल्काें की दुश्मनी का खामियाजा रियासत ने भुगता है।
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भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बुरे दौर में हैं, लेकिन हम एकजुट हो जाएं तो यह बुरा दौर ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा। हमें आपस में बातचीत शुरू करनी होगी। हमारे लोग आपस में ही लड़ रहे हैं।
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महबूबा ने कहा, भारत और पाकिस्तान का जीना मरना साथ-साथ है। हमें ही ऐसा माहौल बनाना होगा जब दोनाें मुल्क इस रिश्ते को हकीकत बनाने को मजबूर हो जाएं। अपने पिता का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, मुफ्ती साहब हमेशा रियासत को ऐसे दलदल से बाहर निकालना चाहते थे। क्योंकि इसके बिना तरक्की मुमकिन नहीं है। इसी वजह से वे सियासी प्रक्रिया और तरक्की को साथ लेकर चलना चाहते थे। राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार अमन के इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाना चाहती है।
'बेरोजगारी को दूर करना प्राथमिकता'
अपने पिता की कब्र पर मुख्यमंत्री महबूबा
- फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने कहा, उन्हें यकीन है कि जम्मू-कश्मीर इस दलदल से बाहर निकलेगा। उन्हाेंने कहा अवाम के लिए पानी, बिजली, राशन की जरूरत है। सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है जिसे दूर करना है, लेकिन राजनीतिक प्रक्रिया रुकने से सारे मसले अटक जाते हैं।
महबूबा ने कहा, मुफ्ती साहब के नेतृत्व में वर्ष 2002 से 2005 तक रियासत में माहौल बदला रहा, हालांकि उसके बाद दिल्ली और जम्मू कश्मीर की सरकारें उसे आगे नहीं बढ़ा सकीं। वर्ष 2015 में मुफ्ती साहब ने अधूरे मिशन को पूरा करने की कोशिश की। वर्तमान में सरकार कोशिश कर रही है और उन्हें यकीन है कि कोशिशें कामयाब होंगीं।
महबूबा ने कहा, मुफ्ती साहब के नेतृत्व में वर्ष 2002 से 2005 तक रियासत में माहौल बदला रहा, हालांकि उसके बाद दिल्ली और जम्मू कश्मीर की सरकारें उसे आगे नहीं बढ़ा सकीं। वर्ष 2015 में मुफ्ती साहब ने अधूरे मिशन को पूरा करने की कोशिश की। वर्तमान में सरकार कोशिश कर रही है और उन्हें यकीन है कि कोशिशें कामयाब होंगीं।