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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Mehbooba of selective crackdown on separatists: omar

महबूबा के पैरों तले ज़मीन खिसकना शुरू हो गई है: उमर

Tue, 14 Jun 2016 12:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 14 Jun 2016 12:27 PM IST
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Mehbooba of selective crackdown on separatists: omar
उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : Amar Ujala

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को गठबंधन सरकार में हिस्सेदार पीडीपी पर निशाना साधा। उन्होंने अलगाववादियों के प्रति सरकार के यू-टर्न पर सवालिया निशान खड़े किए। साथ ही नारबल के लोगों को जल्द पानी देने की अपील भी की।

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पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने कहा कि जब बजट सत्र के शुरू में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस हुई थी, तब मैंने खुद यह सवाल पूछा था सरकार से कि अलगाववादियों को बंद करने का यह क्या सिलसिला शुरू किया गया है, तब मुख्यमंत्री की तरफ से जवाब आया कि रियासत में टूरिज्म सीजन शुरू हो गया है, जो खराब नहीं होना चाहिए। 
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इसलिए उन्हें सर्दियों तक बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़ाहिर है कि हमारी बात का उन पर कहीं न कहीं दबाव पड़ा और उन्हें अपनी सोच बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि एकदम से रविवार को अलगाववादियों को सेमीनार करने की अनुमति देने के पीछे दो कारण लग रहे हैं। एक तो हमारी ओर से उन पर उठाया गया उन्हें बंद करने का सवाल। 
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लेकिन, जो बड़ा कारण लग रहा है वह है अनंतनाग में 22 जून को होने वाला उपचुनाव। उमर ने कहा कि इसमें महबूबा खुद किस्मत आज़मा रही हैं। उन्हें लग रहा है कि उनके पैरों तले ज़मीन खिसकना शुरू हो गई है।

मंत्री को अगर फीता काटने का शौक है तो आएं, मुझे कोई एतराज़ नहीं

Mehbooba of selective crackdown on separatists: omar
व‌िधानसभा में बोलते उमर अब्दुल्ला - फोटो : Amar Ujala

इसलिए उन्होंने अलगाववादियों को छूट देना शुरू कर दिया है। साथ ही उमर ने यह भी कहा कि मुझे यह भी चिंता सता रही है कि कहीं उपचुनाव के बाद फिर से अलगाववादियों पर पाबंदियां न लगाई जाएं।

वहीं उनके क्षेत्र के नारबल इलाके के लोगों को पानी की किल्लत पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पिछले साल डीडीबी बैठक में पानी की किल्लत का मसला उठाया था, तब मुझे मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आश्वासन दिया था कि दो महीने के भीतर स्कीम पूरी की जाएगी। 

स्कीम पूरी हुई भी, लेकिन चालू नहीं की गई, जिसके चलते नारबल के लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो गए। उमर ने कहा कि सरकार सदन में झूठ बोल रही है कि स्कीम चालू है, उनके मंत्री को अगर फीता काटने का शौक है तो आएं, मुझे कोई एतराज़ नहीं। 

लेकिन, लोगों की मुश्किल को दूर करें। उमर ने यह भी कहा कि अगर जल्द वह नहीं आते, तो मैं नारबल के लोगों के साथ बैठ कर ऐसा कोई रास्ता ढूंढूंगा, जिससे मजबूर किया जा सके स्कीम जल्द चालू करने के लिए।

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