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महबूबा मुफ़्ती ट्वीट कर बोली सुनवाई टलना अनुच्छेद 35ए का कोई हल नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:00 AM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अनुच्छेद 35-ए पर सुनवाई टलने से राज्य के निवासियों को अंतरिम राहत मिली है। ट्वीट कर कहा कि सुनवाई टलना कोई समाधान नहीं है। यह केवल अंतरिम राहत है। लेकिन इस पर मंडरा रहे अनिश्चितता से जनता में तनाव है। देश का संविधान सर्वोपरि है, जिसने राज्य को विशेष दर्जा प्रदान किया है। इससे किसी प्रकार का छेड़छाड़ संविधान का उल्लंघन होगा।
उन्होंने कहा कि दरअसल यह पावर पालिटिक्स है जिसने पिछले 70 साल से जारी विशेष दर्जे को बहाल रखने पर केंद्र के लिए मुश्किलें पैदा की हैं। जम्मू कश्मीर की जनता ने देश पर विश्वास जताते हुए द्विराष्ट्र के सिद्धांत को नकारा है। तो अब यह राष्ट्र की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसका सम्मान करे। पीडीपी-भाजपा के बीच गठजोड़ के पीछे भी यही वजह रही कि राज्य के लोगों के बीच पनप रही दूरी को मिटाया जा सके। जम्मू हो या श्रीनगर मुख्यधारा की सभी पार्टियां और अलगाववादी सभी अनुच्छेद 35-ए को बहाल रखने के पक्ष में हैं।
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उन्होंने कहा कि दरअसल यह पावर पालिटिक्स है जिसने पिछले 70 साल से जारी विशेष दर्जे को बहाल रखने पर केंद्र के लिए मुश्किलें पैदा की हैं। जम्मू कश्मीर की जनता ने देश पर विश्वास जताते हुए द्विराष्ट्र के सिद्धांत को नकारा है। तो अब यह राष्ट्र की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसका सम्मान करे। पीडीपी-भाजपा के बीच गठजोड़ के पीछे भी यही वजह रही कि राज्य के लोगों के बीच पनप रही दूरी को मिटाया जा सके। जम्मू हो या श्रीनगर मुख्यधारा की सभी पार्टियां और अलगाववादी सभी अनुच्छेद 35-ए को बहाल रखने के पक्ष में हैं।
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Even though the deferment of hearing on Article 35 A is not a solution, it has brought interim relief to the people of JK. But with uncertainity looming over its status, it has unleashed a wave of anxiety and panic amongst the people of J & K.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) August 6, 2018