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भारत और पाकिस्तान के बीच पिस रहे कश्मीर के लोग: महबूबा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 20 Dec 2016 09:49 PM IST
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
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हमारे देश और पाकिस्तान के झगड़े के बीच हमारे लोग पिस रहे हैं और सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों का हो रहा है। बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन जब बच्चे जम्मू-कश्मीर से बाहर जाते हैं तो एकदम से नक्शा बदल जाता है और बच्चों को सच्चाई का पता चलता है कि देश तो खुशहाल है और लोग तो बहुत अच्छे हैं।
सरकारी शिक्षकों को बच्चों को सिखाने के लिए पहले अपने व्यक्तित्व को निखारना होगा। ये बातें मंगलवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गांधी नगर में शिक्षा विभाग की तरफ से तैयार किए गए आडिटोरियम व टीचर भवन के उद्घाटन समारोह में कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की तकदीर उनकी मुठ्ठी में नहीं बल्कि केवल शिक्षकों के हाथ में होती है। शिक्षक ही विद्यार्थी को मार्ग प्रदान करता है। कभी शिक्षक बनना बच्चे व युवाओं के लिए जुनून होता था, लेकिन आज सबसे ज्यादा स्तर शिक्षक का ही गिरा है। इसके लिए शिक्षक ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि शिक्षक अपना व्यक्तित्व को निखार नहीं कर पाए हैं। शिक्षक के व्यक्तित्व को देखकर ही विद्यार्थी सीखते हैं। इसलिए शिक्षकों को अच्छे पहनावे के साथ स्कूल जाना चाहिए।
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सरकारी शिक्षकों को बच्चों को सिखाने के लिए पहले अपने व्यक्तित्व को निखारना होगा। ये बातें मंगलवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गांधी नगर में शिक्षा विभाग की तरफ से तैयार किए गए आडिटोरियम व टीचर भवन के उद्घाटन समारोह में कहीं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की तकदीर उनकी मुठ्ठी में नहीं बल्कि केवल शिक्षकों के हाथ में होती है। शिक्षक ही विद्यार्थी को मार्ग प्रदान करता है। कभी शिक्षक बनना बच्चे व युवाओं के लिए जुनून होता था, लेकिन आज सबसे ज्यादा स्तर शिक्षक का ही गिरा है। इसके लिए शिक्षक ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि शिक्षक अपना व्यक्तित्व को निखार नहीं कर पाए हैं। शिक्षक के व्यक्तित्व को देखकर ही विद्यार्थी सीखते हैं। इसलिए शिक्षकों को अच्छे पहनावे के साथ स्कूल जाना चाहिए।
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बच्चों से बोलीं मुख्यमंत्री- केवल पढ़ो और खेलो, इसी से अपनी मंजिल को हासिल करो
अडोटोरियम का शियान्यस करतीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि रेशनलाइजेशन से शिक्षा व्यवस्था से बहुत सुधार हुआ है। इसका लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। स्कूलों में शिक्षा के अलावा खेलों पर जोर देने की जरूरत है। विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक रूप से विकास के लिए खेलों को बढ़ावा देना होगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलना चाहिए। स्मार्ट कक्षा की योजना स्कूलों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।
आज सरकारी स्कूल का विद्यार्थी कक्षा में बैठ कर पूरी दुनिया की जानकारी हासिल कर रहा है। शिक्षक भी कंप्यूटर व इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल करके विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करें। घाटी में चार पांच महीने स्कूल बंद रहे, लेकिन हालात सामान्य होने पर बच्चों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई ताकि बच्चे सही जानकारी हासिल करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर व जम्मू के विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच वार्तालाप किया जाना चाहिए, ताकि सभी अपने अनुभव साझा करें और इससे लाभ मिले। राज्य से बाहर निकल कर ही बच्चों को असली सच्चाई का पता चलता है, क्योंकि वर्तमान के हालात में जम्मू कश्मीर के लोग पिस रहे हैं और बच्चे इसी को सच मानने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में बच्चों ने कहा कि केवल पढ़ो और खेलो, इसी से अपनी मंजिल को हासिल करो।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में स्कूली शिक्षा में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। यह सब शिक्षा मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। जम्मू कश्मीर के विद्यार्थी अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेलों में भी नाम रोशन कर रहे हैं।
पूरे विश्व में देश के युवाओं व विद्यार्थियों की अलग पहचान बन चुकी है। शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि डेढ़ वर्ष की मेहनत ने अब रंग लाना शुरू कर दिया है। आज सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि वह किसी से भी कम नहीं है। इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी, कमिश्नर सेक्रटरी स्कूल एजूकेशन शालीन काबरा व अन्य मौजूद थे।
आज सरकारी स्कूल का विद्यार्थी कक्षा में बैठ कर पूरी दुनिया की जानकारी हासिल कर रहा है। शिक्षक भी कंप्यूटर व इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल करके विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करें। घाटी में चार पांच महीने स्कूल बंद रहे, लेकिन हालात सामान्य होने पर बच्चों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई ताकि बच्चे सही जानकारी हासिल करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर व जम्मू के विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच वार्तालाप किया जाना चाहिए, ताकि सभी अपने अनुभव साझा करें और इससे लाभ मिले। राज्य से बाहर निकल कर ही बच्चों को असली सच्चाई का पता चलता है, क्योंकि वर्तमान के हालात में जम्मू कश्मीर के लोग पिस रहे हैं और बच्चे इसी को सच मानने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में बच्चों ने कहा कि केवल पढ़ो और खेलो, इसी से अपनी मंजिल को हासिल करो।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में स्कूली शिक्षा में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। यह सब शिक्षा मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। जम्मू कश्मीर के विद्यार्थी अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेलों में भी नाम रोशन कर रहे हैं।
पूरे विश्व में देश के युवाओं व विद्यार्थियों की अलग पहचान बन चुकी है। शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि डेढ़ वर्ष की मेहनत ने अब रंग लाना शुरू कर दिया है। आज सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि वह किसी से भी कम नहीं है। इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी, कमिश्नर सेक्रटरी स्कूल एजूकेशन शालीन काबरा व अन्य मौजूद थे।