हालात सुधरने पर कम होगी सुरक्षाबलों की संख्या: महबूबा
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उपद्रवियों द्वारा वाहनों तथा आम नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाओं को रोकने के लिए सीआरपीएफ की तैनाती की गई है। महबूबा ने बच्चों के भविष्य का ख्याल रखते हुए अभिभावकों से घाटी का माहौल सामान्य बनाने में मदद की अपील की।
मुख्यमंत्री आवास पर छात्राओं के प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाएं तय समय पर ही होंगी। बच्चों का शैक्षिक सत्र बर्बाद न हो इसलिए यह फैसला लिया गया है। कहा कि कोशिश होगी कि विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलें क्योंकि उनका कोर्स पूरा नहीं हो पाया है।
साथ ही यह भी प्रयास होगा कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों से उन्हें परीक्षा से पहले ट्यूशन दिलाई जाए। जहां कहीं भी संभव होगा यह व्यवस्था लागू की जाएगी। पाठ्यक्रम कम करने पर भी विचार होगा, लेकिन, परीक्षा तय समय पर ही होगी।
खराब हालात के कारण नहीं शुरू हुई योजनाएं
महबूबा ने महिलाओं तथा छात्राओं की बेहतरी के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के लिए अलग बस योजना, अलग पुलिस थाने तथा लाडली बेटी योजना शुरू की गई है। इन्हें और अधिक सुविधाएं मुहैया कराने पर सरकार का फोकस है।
बजट में स्कूटी योजना का प्रावधान किया गया ताकि जो बच्चियां आटो रिक्शा का किराया नहीं दे सकतीं हैं वो इसका फायदा उठा सकें। यह गरीब बच्चियों की शिक्षा में उपयोगी साबित होगा। यह योजना जम्मू में शुरू की गई है। इसमें और स्कूटी देने की तैयारी है।
हालांकि, घाटी के खराब हालात की वजह से कश्मीर में यह योजना शुरू नहीं की जा सकी। यह अच्छी बात है कि यहां की छात्राओं ने भी स्कूटी की मांग की है।