{"_id":"5c7f9694bdec222dc912f13d","slug":"mehbooba-mufti-holds-protest-in-anantnag-against-the-ban-on-jamaat-e-islami","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमात-ए-इस्लामी पर बैन के विरोध में महबूबा ने अनंतनाग में किया प्रदर्शन, केंद्र सरकार को दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमात-ए-इस्लामी पर बैन के विरोध में महबूबा ने अनंतनाग में किया प्रदर्शन, केंद्र सरकार को दी चेतावनी
Wed, 06 Mar 2019 03:14 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 06 Mar 2019 03:14 PM IST
सार
- महबूबा बोलीं-धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
- गिरफ्तार लोगों को रिहा न किया गया तो पूरे राज्य में होगा प्रदर्शन
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल
विस्तार
जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध के खिलाफ बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सड़क पर उतरीं। उन्होंने प्रतिबंध हटाने की मांग करते हुए चेताया कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महबूबा ने कहा कि पीडीपी जब हुकूमत में थी तो भाजपा के नाक में एक नकेल की तरह थी, लेकिन वह सरकार से अलग हो गई। आज रियासत में जो हालात बने हैं यह भाजपा की देन है। उन्होंने कहा कि सरहदों पर जंग जैसा माहौल है। जमात के बुजुर्ग नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। उनके दफ्तरों को सील किया जा रहा है।
विज्ञापन
जमात-ए-अलहदीस के लोगों, इमामों, मौलवियों को गिरफ्तार किया जा रहा है जो हमारे धार्मिक मामलों में दखल है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर जमात पर प्रतिबंध को हटाने के साथ-साथ उनके बुजुर्ग नेताओं को रिहा नहीं किया जाता तो हर निर्वाचन क्षेत्र, हर जिले और पूरी रियासत में ऐसे ही प्रदर्शन किए जाएंगे। वह चाहती हैं कि लोगों के सामने वह चार्जशीट पेश की जाए, जिसके तहत यह गिरफ्तारियां की जा रही हैं। सुबूत पेश किए जाने चाहिए। प्रदर्शन में अब्दुल रहमान वीरी, मोहम्मद रफी मीर आदि भी शामिल रहे।
पीडीपी की नकेल हटते ही भाजपा हुई मदमस्त हाथी
महबूबा ने कहा कि जबसे भाजपा के नाक से पीडीपी की नकेल निकली है तब से वह मदमस्त हाथी की तरह सब कुछ कुचलने की कोशिश कर रही है। 35ए को लेकर भी साजिश रची जा रही है और इन सब मौजूदा हालातों की वजह से हम सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
पीडीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में जिले के खन्नाबल स्थित डाक बंगले में एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने अनंतनाग की ओर एक रैली निकालनी चाही, लेकिन पुलिस ने खन्नाबल पुल के पास उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने जमात-ए-इस्लामी पर लगाए प्रतिबंध को हटाने को लेकर नारेबाजी की।
विज्ञापन
J&K: Former J&K CM & PDP Chief Mehbooba Mufti holds protest in Anantnag against the ban on Jamaat-e-Islami, says, "We want that the ban must be lifted. We'll go to district level now, then we will go to every segment. Elderly people who have been arrested must be released." pic.twitter.com/pPmwgLpydb
— ANI (@ANI) March 6, 2019विज्ञापन
महबूबा ने कहा कि पीडीपी जब हुकूमत में थी तो भाजपा के नाक में एक नकेल की तरह थी, लेकिन वह सरकार से अलग हो गई। आज रियासत में जो हालात बने हैं यह भाजपा की देन है। उन्होंने कहा कि सरहदों पर जंग जैसा माहौल है। जमात के बुजुर्ग नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। उनके दफ्तरों को सील किया जा रहा है।
विज्ञापन
जमात-ए-अलहदीस के लोगों, इमामों, मौलवियों को गिरफ्तार किया जा रहा है जो हमारे धार्मिक मामलों में दखल है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर जमात पर प्रतिबंध को हटाने के साथ-साथ उनके बुजुर्ग नेताओं को रिहा नहीं किया जाता तो हर निर्वाचन क्षेत्र, हर जिले और पूरी रियासत में ऐसे ही प्रदर्शन किए जाएंगे। वह चाहती हैं कि लोगों के सामने वह चार्जशीट पेश की जाए, जिसके तहत यह गिरफ्तारियां की जा रही हैं। सुबूत पेश किए जाने चाहिए। प्रदर्शन में अब्दुल रहमान वीरी, मोहम्मद रफी मीर आदि भी शामिल रहे।
पीडीपी की नकेल हटते ही भाजपा हुई मदमस्त हाथी
महबूबा ने कहा कि जबसे भाजपा के नाक से पीडीपी की नकेल निकली है तब से वह मदमस्त हाथी की तरह सब कुछ कुचलने की कोशिश कर रही है। 35ए को लेकर भी साजिश रची जा रही है और इन सब मौजूदा हालातों की वजह से हम सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
पीडीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में जिले के खन्नाबल स्थित डाक बंगले में एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने अनंतनाग की ओर एक रैली निकालनी चाही, लेकिन पुलिस ने खन्नाबल पुल के पास उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने जमात-ए-इस्लामी पर लगाए प्रतिबंध को हटाने को लेकर नारेबाजी की।