स्थानीय आतंकियों को मुख्यधारा में लौटने का दें मौका: महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन को कश्मीर हिंसा के पीड़ितों के घावों को भरने के लिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एसकेआईसीसी में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्थानीय आतंकियों के मुख्य धारा में लौटने के लिए रास्ता प्रशस्त करने को भी कहा है।
बैठक में डीजीपी के राजेंद्रा कुमार, डिवकाम बसीर अहमद खान सहित कश्मीर संभाग के सभी डीसी तथा जिला पुलिस प्रमुख भी उपस्थित रहे। बैठक में महबूबा ने कहा कि कश्मीर ने पिछले चार महीनों में काफी खराब स्थिति का सामना किया है। अब जब हालात सामान्य हो रहे हैं तो हमें रोडमैप तैयार रखना चाहिए ताकि लोगों को इस मुसीबत से निकाला जा सके।
उनके घावों को भरा जा सके। उन्होंने प्रशासन को ऐसे सभी परिवार तक पहुंचने की हिदायत दी जिनके बच्चे या तो मारे गए या फिर हिंसा में घायल हुए हैं। कहा कि पीड़ितों की वास्तविक संख्या चाहिए ताकि उनके भविष्य के विषय में कोई फैसला लिया जा सके। यह अच्छा होगा कि लोगों को चिह्नित करने की इस प्रक्रिया में समाज के बुजुर्गों तथा स्थानीय औकाफ कमेटी की मदद ली जाए।
'स्कूलों को जलाए जाने की घटना से समाज को भारी नुकसान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक तथा पुलिस प्रशासन को ऐसे कदम उठाने को कहा जिससे कि स्थानीय युवा हिंसा का मार्ग छोड़ सकें और आतंकी संगठनों की ओर रुख न करें। कहा कि राह भटक चुके युवाओं को मुख्यधारा में लौटने और सम्मान की जिंदगी जीने का कम से कम एक मौका दिया जाना चाहिए।
महबूबा ने राज्य की समृद्ध शाली सांस्कृतिक परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि आपसी एकता और भाईचारे से अतिवादी विचारधाराओं के हमले रोकने में मदद मिलती है। बंदूक तथा जेल से सभी लड़ाई नहीं लड़ी जा सकतीं हैं।
राज्य में शांति तथा स्थायित्व के लिए वैकल्पिक प्रबंधों की ओर भी ध्यान देना होगा। स्कूलों को जलाए जाने की घटना पर कहा कि इससे समाज को भारी नुकसान हुआ है। वर्तमान परिस्थितियों में सारे विकास कार्य रुके पड़े हुए हैं।
दर्ज मुकदमों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार महीने में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मुकदमों की समीक्षा होगी। ऐसे सभी मामलों की समीक्षा होगी जिनमें छात्र या फिर पहली बार घटना में शामिल होने वाले होंगे। उनके अभिभावकों से बात की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावकों का आश्वासन लिया जाएगा कि उनके बच्चे भविष्य में किसी प्रकार के प्रदर्शनों में शामिल नहीं होंगे। प्रशासन ऐसे लोगों को गिरफ्तार नहीं करने जा रहा है। लेकिन, स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए एक अलग एक्शन प्लान होना चाहिए।