जम्मू कश्मीरः पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी तीन महीने और बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। अब वे 5 नवंबर तक हिरासत में रहेंगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही वे नजरबंदी में है। इस बीच पूर्व मंत्री और पीपुल्स कांफ्रेंस प्रमुख सज्जाद गनी लोन को 360 दिनों बाद नजरबंदी से रिहा कर दिया गया है।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि महबूबा अगले तीन महीने तक हिरासत में रहेंगी। इस दौरान उनका आवास फेयरव्यू उप जेल में तब्दील रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर पीएसए बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस साल 26 फरवरी को उनकी हिरासत अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई थी।
इस बीच सात अप्रैल को उन्हें एमए रोड से फेयरव्यू आवास उप जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पांच मई को तीन महीने के लिए और हिरासत बढ़ाई गई। पांच अगस्त को यह आदेश रद्द हो जाना था। गृह विभाग के प्रमुख सचिव शालीन काबरा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत की अवधि बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसका परीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि हिरासत अवधि को बढ़ाया जाना जरूरी है। इस वजह से पीएसए के तहत उनकी हिरासत अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई जाती है।
लोन फरवरी से घर में थे नजरबंद
अधिकारियों ने बताया कि पीपुल्स कांफ्रेंस अध्यक्ष को इस वर्ष फ रवरी में उनके आवास में भेज कर नजरबंद किया गया था। केन्द्र द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के बाद उन्हें पिछले साल पांच अगस्त को हिरासत में लिया गया था। पीडीपी-भाजपा गठबंधन में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे लोन और मुख्यधारा की पार्टियों के अन्य नेताओं को डल झील के किनारे स्थित सेंटूर होटल में बनाए गए अस्थायी जेल में रखा गया था। इसके बाद इन लोगों को एमएलए छात्रावास ले जाया गया था। फ रवरी में लोन और पीडीपी नेता वहीद पररा को उनके घर में नजरबंद किया गया था।
सज्जाद बोले, बहुत कुछ बदल गया और मैं भी
सज्जाद गनी लोन ने रिहा होने की पुष्टि ट्विटर पर की है। उन्होंने ट्वीट किया कि एक वर्ष में पांच दिन कम रहने पर मुझे आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया कि मैं अब स्वतंत्र व्यक्ति हूं। कितना कुछ बदल गया और मैं भी। जेल जाना कोई नया अनुभव नहीं है। इससे पहले वाले कठोर और शारीरिक यातना के दौर होते थे लेकिन यह मनोवैज्ञानिक तौर पर परेशान करने वाला था। उम्मीद है कि शीघ्र ही कुछ और साझा करूंगा।
उमर, फारूक समेत कई नेता लिए गए थे हिरासत में
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म करने के दिन 5 अगस्त 2019 को सरकार ने तमाम राजनेताओं को हिरासत में लिया था। इस दौरान पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, डा. फारूख अब्दुल्ला समेत कई अन्य राजनेता भी हिरासत में लिए गए थे। बीते दिनों उमर, फारूक समेत कई नेताओं को रिहा कर दिया गया था, लेकिन महबूबा व शाह फैसल अब भी हिरासत में ही हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.